उम्मीदों की किरण और प्रगति की छलांग

IBC24 के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल का हमेशा एक सूत्र वाक्य रहा है कि बेटियां ही समाज की दशा और दिशा बदलने का सामर्थ्य रखती हैं इसलिए उनका पढ़ना और बढ़ना अत्यंत आवश्यक है. अपनी इस सोच को सामाजिक धरातल पर साकार करने के लिए उन्होंने वर्ष 2015 में IBC24 स्वर्णशारदा स्कालरशिप की आधारशिला रखी. इस स्कालरशिप में 12 वीं में जिलों में अव्वल आने वाली बेटियों को पचास पचास हजार और पूरे प्रदेश में अव्वल आने वाली बेटी को एक लाख रूपये की स्कॉलरशिप दी जाती है. बीते तीन वर्षों में दोनों प्रदेशों में 253 बेटियों को यह स्कॉलरशिप दी जा चुकी है जिसमें मध्यप्रदेश की 168 और छत्तीसगढ़ की 85 बेटियां शामिल हैं. वर्ष 2016 में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आग्रह पर IBC24 के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल ने बेटियों के साथ साथ बेटों को भी स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप में शामिल किया और वर्ष 2017 में दोनों प्रदेशों के कुल 15 बेटों को संभाग में अव्वल आने पर स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप प्रदान की गई

स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप दोनों प्रदेशों में बेटियों को शिक्षित करने के यज्ञ में समिधा की भूमिका निभा रही है. आर्थिक हालातों से जूझ रहे परिवारों के लिए यह स्कॉलरशिप एक वरदान की तरह है. मुरैना की मनु यादव हो या बस्तर की मीनू बाघमार। स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप ने इन सभी काबिल बेटियों में उम्मीदों के साथ हौसला बढ़ाया. मुरैना की मीनू जैसी दर्जनों बेटियां गरीबी से लड़ रही थीं लेकिन उनके इरादों को स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप से मुकाम मिला जिसने उनका जीवन बदल दिया और इन बेटियों ने दूसरी अन्य बेटियों को जीवन में प्रगति हासिल करने एक सन्देश भी दिया. बिलासपुर की ममता कुर्रे, सिंगरौली के एक मजदूर की बेटी सुधा कुशवाहा, बैतूल के एक सामान्य किसान की बेटी महिमा सरले जैसी सभी बेटियों के लिए IBC24 स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप वरदान साबित हुई.

योग गुरु स्वामी रामदेव जो खुद स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप की प्रेरणा हैं मुक्त कंठ से इस प्रयास की सराहना कर चुके हैं. पहली बार जब योग गुरु स्वामी रामदेव और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की उपस्थिति में स्कॉलरशिप प्रदान की गई तो शिवराज जी ने यह कहकर अचरज जताया कि वे एक मीडिया समूह का सामाजिक दायित्व पहली बार देख रहे हैं. लोकसभा की स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन भी इंदौर में इस गरिमामय आयोजन की भागीदार बन चुकी हैं. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह सार्वजनिक तौर पर कहते हैं कि बेटियों को पढ़ाने और बढ़ाने की यह एक अद्भुत पहल है.पूरे देश में सुपर गुरु के नाम से जाने जाने वाले सुपर 30 के संचालक आनंद कुमार ने स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप के मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने वाले आयोजन में हिस्सा लिया और बेटियों का मार्गदर्शन किया. वर्ष 2018 में अब IBC24 स्वर्णशारदा स्कॉलरशिप का भव्य कार्यक्रम फिर होने वाला है प्रदेश की बेटियों,उनके परिजनों के साथ हमें भी 12 वीं के नतीजों का इन्तजार है.


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