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'गंगा-दशहरा'पर महाकाल की अनूठी पूजा

Created at - May 28, 2015, 6:38 pm
Modified at - May 28, 2015, 6:38 pm

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार को बाबा महाकाल की अनूठी आराधना की गई...यहां घुंघरू की खनक के साथ नन्हें-नन्हें बच्चों द्वारा नृत्य के माध्यम से भुत भावन बाबा महाकाल की स्तुति की जा रही है। दरअसल,महाकाल के धाम में हर दिन,हर अवसर,हर त्यौहार के लिए पूजन का,श्रृंगार का अगल और विशेष विधान है। इसी कड़ी में हर साल की तरह इस साल भी गंगा दशहरे के अवसर पर महाकाल के प्रांगण में नृत्य आराधना चल रही है...सुबह 4 बजे भस्मारती से प्रारंभ हुई ये नृत्य स्तुति रात्रि शयन आरती तक निरंतर चलती रहेगी। महाकाल को खुश करने के लिए की जा रही ये नृत्य आराधना कत्थक नृत्य पर आधारित है...जिसमें शिवताण्डव और शिवपंचाक्षर की प्रस्तुति दी जा रही है...नन्हें-नन्हें बच्चों द्वारा की जा रही ये नृत्य प्रस्तुति लगातार 18 घन्टों तक जारी रहेगी। महाकाल के दरबार में यूं तो हर दिन,हर वक्त दर्शनों का अपना महत्व है लेकिन गंगाजी,जिन्हें भोलेनाथ ने स्वयं की जटाओँ में स्थान दिया है,उनके खास दिवस यानि गंगा दशहरा पर्व पर भोलेनाथ की ये विशेष पूजन पद्धति आकर्षण का केंद्र है।


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