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NSG की राह में फिर 'रोड़ा' बना चीन

Last Modified - June 24, 2016, 11:59 am

 

भारत के NSG के राह में फिर रोड़ा पड़ा चीन

 

एलीट न्यूक्लियर टीम के 48 देशों में से 47 देशों का समर्थन भारत के पास है लेकिन चीन अब भी भारत के विरोध में. गुरुवार को चीन ने रात्रिभोज के बाद तीन घंटे की बैठक में भारत को NSG की सदस्यता का विरोध किया. जिसके चलते बैठक बेनतीजा खत्म हुई. इस मसले पर अब शुक्रवार को अंतिम फैसला लिया जाना है. चीन का कहना है कि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किया है, इसलिए उसे एनएसजी की सदस्यता नहीं मिलनी चाहिए.

चीन भारत के एनएसजी में प्रवेश का विरोध कर रहा है. चीन ने एनएसजी सदस्यता के लिए पाकिस्तान का समर्थन कर परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए बिना भारत के सदस्य बनने की राह में बड़ा रोड़ा लगा दिया है. चीन ने जोर दिया है कि अगर भारत को कोई छूट दी जाती है, तो वही छूट पाकिस्तान को भी दी जानी चाहिए. जबकि, पाकिस्तान का परमाणु अप्रसार को लेकर कथित रूप से बुरा रिकॉर्ड रहा है. कहा जाता है कि उसने लीबिया, ईरान और उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार प्रौद्योगिकी बेची थी. दरअसल, चीन ने बार-बार कहा है कि भारत की सदस्यता एजेंडा में नहीं है. उसने भारत की कोशिशों पर किसी भी चर्चा को रोकने के लिए हर कोशिश की. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए यहां एकत्र हुए सभी नेताओं के लिए आयोजित महाभोज में भाग लिया. मोदी के अलावा, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन समेत कई नेता इस रात्रिभोज में शामिल हुए.

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