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चीन:PLA और NSCN-K में संबंध का शक निराधार

Last Modified - June 10, 2015, 6:46 pm

चीनी अधिकारियों ने देश की सेना के भारत के पूर्वोत्तर राज्य में उग्रवादियों को मदद पहुंचाने के भारतीय ऐजेंसी के शक और आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ये आरोप अनर्गल हैं और इस तरह का कोई भी संबंध ‘असंभव’ है। सरकारी अखबार ग्लोबल टाईम्स ने सरकारी थिंक टैंक के अधिकारियों के हवाले से कहा कि जनमुक्ति सेना-PLAके अधिकारियों का उग्रवादी समूह - नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-खापलांग NSCN-K के नेताओं के साथ संपर्क में होने का दावा बेकार है। NSCN-K पर संदेह है कि उसके उग्रवादियों ने भारतीय सेना पर हाल में हमला किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि PLA और भारतीय उग्रवादियों के बीच संबंध असंभव हैं। इससे पहले भारतीय मीडिया में आई खबरों में एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि एनएससीएन-के ने पीएलए के निर्देशों को मानते हुए केंद्र के साथ अपने संघर्ष विराम के समझौते को तोड़ दिया। चीनी विदेश मंत्रालय ने अभी तक इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। सरकारी संस्थान शंघाई इंस्टीट्यूट्स फॉर इंटरनेशनल स्टडीज में सेंटर फॉर एशियन-पैसिफिक स्टडीज के निदेशक झाओ गानचेंग ने कहा, ‘भारत के पूर्वोत्तर में चीन द्वारा उग्रवादी समूहों को सहयोग दिए जाने के मामले में भारतीय मीडिया लंबे समय से अफवाहें फैला रहा है।’


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