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भोपाल: शिवराज कैबिनेट का विस्तार, जानिए इन मंत्रियों के बारे में कुछ खास बातें

Last Modified - July 1, 2016, 1:06 pm

भोपाल। मध्यप्रदेश में गुरूवीर शाम 5 बजे शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया गया। इनमें अर्चना चिटनिस, जयभान सिंह पवैया, रूस्तन सिंह, ओमप्रकाश धुर्वे विश्वास सारंग,संजया पाठक, ललिता यादव, सूर्यप्रकाश मीणा, हर्ष नारायण सिंह के नाम मंत्रियों की लिस्ट में शामिल हैं। इधर सूत्रों के अनुसार गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने इस्तीफा दे दिया है और PWD मंत्री सरताज सिंह ने इस्तीफा भेज दिया है। पार्टी ने इनसे इस्तीफा मांगा था।

कुल मिलाकर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजधानी भोपाल में सियासी गतिविधियां तेज हो गई है। जानिए इन मंत्रियों के बारे मेंः-

श्रीमती अर्चना चिटनिस:

बुरहानपुर की विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस का जन्म पटियाला में हुआ था, 20 अप्रैल 1964 को जन्मी श्रीमती अर्चना चिटनिस 2013 में तीसरी बार विधायक चुनी गईं जबकि इससे पहले  2003 में पहली बार और 2008 में वो दूसरी बार विधायक चुनी गईं थी। अर्चना चिटनिस ने 1984 में छात्र राजनीति में कदम रखते हुए अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। एमएससी, बीएड और एलएलबी की डिग्री लेने वाली अर्चनी चिटनिस गुजराती विज्ञान महाविद्यालय इंदौर में व्याख्याता के पद पर भी रही हैं।

रुस्तम सिंह:

मुरैना विधानसभा क्षेत्र के विधायक रुस्तम सिंह 2013 में दूसरी बार विधायक बने हैं। इससे प हले 2003 में विधायक चुनकर 12वीं विधानसभा में पहुंचे थे। 9 जुलाई 1945 को जन्मे रुस्तम सिंह भारतीय पुलिस सेवा में IPS के पद पर रहे हैं। अपने IPS के कार्यकाल के दौरान जबलपुर, इंदौर, रायपुर में एसपी का पद संभाला था बाद में IG के पद से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।

ओमप्रकाश धुर्वे:

शहपुरा के विधायक ओमप्रकाश धुर्वे 2013 में चौथी बार विधायक चुने गए। 1990 में पहली बार विधायक बने थे, दूसरी बार 1998 में विधानसभा के लिए चुने गए। 2003 में तीसरी बार विधायक चुने गए। 13 मई 1964 को जन्मे ओमप्रकाश धुर्वे ने बीएससी तक पढ़ाई की है।

जयभान सिंह पवैया:

ग्वालियर के विधायक जयभान सिंह पवैया का जन्म 6 जुलाई 1955 को ग्वालियर के चीनौर गांव में हुआ था। जयभान सिंह ने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया हुआ है। साहित्य, लेखन और आध्यात्मिक साहित्य के पाठन में उनकी रुची रही है। 1973 में जयभान सिंह RSS के संपर्क में आए और 1974 में जेपी की सम्पूर्ण क्रांति के आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी।
1973 से 1982 तक ABVP से जुड़े रहे
1983 से 1997 तक विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे
1995 में बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए।
1996 में आतंकवादियों की धमकी के विरोध में 50 हजार युवाओं के साथ कश्मीर कूच किया था और गौ रक्षा अभियान के लिए पद यात्रा निकाली
1999 में जयभान सिंह 13वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए थे।
2013 में पहली बार मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए थे।

विश्वास सारंग:

नरेला विधानसभा क्षेत्र के विधायक विश्वास सारंग 2013 में दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। इससे पहले 2008 में 13वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में वो विधायक चुने गए थे। 29 दिसंबर 1971 को भोपाल में जन्मे विश्वास सारंग ने सिविल में बी.ई. की डिग्री ली हुई है। अध्ययन, समाज सेवा, खेल आयोजन और कार्यक्रम प्रबंधन में उनकी गहरी रुचि रही है। बाल्यावस्था से ही विश्वास सारंग RSS से जुड़ गए थे। 1982 में ABVP के सदस्य रहे। 1993 में भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़कर सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।

संजय पाठक:

विजयराघवगढ़ के विधायक संजय पाठक ने 1989 में छात्र राजनीति से जुड़कर अपने सियासी सफर की शुरुआत की। 2008 में 13वीं विधानसभा के सदस्य बने।  2013 में कांग्रेस के  टिकट पर विधायक बने लेकिन 31 मार्च 2014 को विधायक पद से त्यागपत्र दे दिया। अगस्त 2014 में हुए उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर दोबारा विधायक चुने गए। फिर से विधायक के रूप में 8 दिसंबर 2014 को शपथ ग्रहण की।

ललिता यादव:

छतरपुर की विधायक ललिता यादव 2013 में दूसरी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुईं। पहली बार 2008 में 13वीं विधानसभा के लिए चुनाव जीता था। 22 अप्रैल 1962 को जन्मी ललिता यादव ने एमए, एलएलबी सेकेंड ईयर तक पढ़ाई की है। 1997 से 2004 तक बीजेपी महिला मोर्चा छतरपुर की जिलाअध्यक्ष रहीं
2004-05 में नगरपालिका परिषद छतरपुर की अध्यक्ष रहीं
2004-06 के दौरान बीजेपी प्रदेश महिला मोर्चा की कोषाध्यक्ष रहीं
2007-08 में बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण की सदस्य रहीं

सूर्यप्रकाश मीणा:

विदिशा के शमशाबाद विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक है सूर्यप्रकाश मीणा। वर्ष 1963 में जन्मे सूर्यप्रकाश मीणा को भाजपा में कई अहम जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं। उनके पास प्रथम श्रेणी में एमकॉम की डिग्री है। श्री मीणा साल 2008 और 2013 में शमशाबाद से विधायक चुने गए। वे दो बार जिला महामंत्री रहे। वे मप्र मीना समाज के उपाध्यक्ष भी रहे।

हर्ष नारायण सिंह:

हर्ष नारायण सिंह ने कांग्रेस से राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। वे रामपुर बघेलान के  विधायक हैं। हर्ष सिंह 2013 के विधानसभा चुनाव में चौथी बार जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे।
इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक रही और राजनीति उन्हें विरासत में मिली। वर्ष 1980 में कांग्रेस (ई) से हर्ष सिंह पहली बार विधायक चुने गए। 2008 में भाजपा ने हर्ष सिंह को अपना
उम्मीदवार बनाया और वे जीत गए। भाजपा ने उन्हें दोबारा 2013 में मौका दिया। वे दोबारा जीत गए। उन्होंने 1970 में भोपाल यूनिवर्सिटी से बीएससी सेकंड ईयर पास की। वे रायफल शूटिंग, क्रिकेट और शतरंज के शौकीन हैं।

 


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