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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया

Last Modified - August 15, 2016, 6:18 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीओके में पाकिस्तान की ओर से जारी हिंसा पर सख्त बयान क्या दिया घबराया पाकिस्तान ने बलूचिस्तान के निर्वासित नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है. बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री नवाब सनाउल्लाह जेहरी और दक्ष‍िणी कमांड के लेफ्‍टिनेंट जनरल आमिर रियाज ने कहा कि अगर बलूच नेता देश में वापस लौटते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे. बलूच नेताओं को ये न्योता रविवार को बलूचिस्तान में ध्वजारोहण समारोह के दौरान दिया गया.

जेहरी ने निर्वासन में रह रहे बलूच नेताओं को भी पाकिस्तान वापस लौटने का न्योता दिया. उन्होंने कहा कि ये उनकी च्वॉइस होगी कि वो राष्ट्रीय राजनीति में आएं या राष्ट्रवादी आधार पर राजनीति करें. जेहरी ने कहा कि अगर बलूचिस्तान की जनता इन नेताओं को जनादेश देगी तो ये हमारे लिए सम्मान की बात होगी.इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लाल किले की प्राचीर से आतंकवादियों का महिमामंडन करने वाले पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए हैरानी जताई कि आखिर यह कैसा देश है, जो आतंक से प्रेरणा लेता है? पीएम मोदी का इशारा आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद उसे पाकिस्तान में हीरो बनाने पर था.

प्रधानमंत्री ने पाक अधिकृत कश्मीर, गिलगित और बलूचिस्तान के बिगड़ते हालात के बारे में बात की और वहां के लोगों ने उनके मुद्दे उठाने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है. पीएम ने पेशावर के स्कूल पर हुए उस आतंकी हमले का हवाला दिया, जिसमें 140 से ज्यादा लोग मारे गए थे. मारे गए लोगों में अधिकतर बच्चे थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की संसद, देश के स्कूलों एवं देश के बच्चों को यह दर्द महसूस हुआ क्योंकि देश की मानवता की नींव बहुत मजबूत है.

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