IBC-24

गुणकारी अजवायन

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 01 Jun 2015 09:36 PM, Updated On 01 Jun 2015 09:36 PM

अजवायन रुचिकारक और पाचक होती है। पेट संबंधी कई रोगों को दूर करने में सहायक होती है, जैसे- वायु विकार, कृमि, अपच, कब्ज वगैरह। अजवायन में स्वास्थ्य सौंदर्य, सुगंध तथा ऊर्जा प्रदान करने वाले तत्व होते हैं। यह बहुत ही उपयोगी होती है। * बरसात के मौसम में पाचन क्रिया के शिथिल पड़ने पर अजवायन का सेवन काफी लाभदायक होता है। इससे अपच को दूर किया जा सकता है। * अजवायन मोटापे को कम करने में मदद करती है। इसलिए रात में एक चम्मच अजवायन एक गिलास पानी में भिगोएं। सुबह छानकर उस पानी में शहद डालकर पीने पर लाभ होता है। * मसूड़ों में सूजन होने पर अजवायन के तेल की कुछ बूंदें पानी में मिलाकर कुल्ला करने से सूजन कम होती है।* अजवायन, काला नमक, सौंठ तीनों को पीसकर चूर्ण बना लें। भोजन के बाद फांकने पर अजीर्ण, अशुद्ध वायु का बनना और ऊपर चढ़ना बंद हो जाएगा। * आंतों में कीड़े होने पर अजवायन के साथ काले नमक का सेवन करने पर काफी लाभ होता है। * सर्दी, गर्मी के प्रभाव के कारण गला बैठ जाता है। बेर के पत्तों और अजवायन को पानी में उबालकर, छानकर उस पानी से गरारे करने पर लाभ होता है। * आधे सिर में दर्द होने पर एक चम्मच अजवायन आधा लीटर पानी में डालकर उबालें। पानी को छानकर रखें और दिन में दो-तीन बार थोड़ा-थोड़ा लेते रहने से काफी लाभ होगा। * सरसों के तेल में अजवायन डालकर अच्छी तरह गरम करें। इससे जोड़ों की मालिश करने पर जोड़ों के दर्द में आराम होता है।* खीरे के रस में अजवायन पीसकर चेहरे की झाइयों पर लगाने से लाभ होता है। * चोट लगने पर नीले-लाल दाग पड़ने पर अजवायन एवं हल्दी की पुल्टिस चोट पर बाँधने पर दर्द व सूजन कम होती है। * मुख से दुर्गंध आने पर थोड़ी सी अजवायन को पानी में उबालकर रख लें, फिर इस पानी से दिन में दो-तीन बार कुल्ला करने पर दो-तीन दिन में दुर्गंध खत्म हो जाती है।
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