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सब्सिडी के पैसे सीधे खाते में डालकर सरकार ने एक साल तक सब्सिडी बांटने के पैसे बचाए

Last Modified - February 21, 2017, 3:21 pm

नई दिल्ली। सरकार द्वारा सीधे हिताग्रही के खाते में सब्सिडी के पैसे डालने से बीते तीन साल में सरकार को 50,000 करोड़ रूपये की बचत हुई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के यह आंकडे़ सिर्फ 31 दिसंबर 2016 तक के है। सरकार को हुई बचत ठीक उतनी ही है जितनी इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सब्सिडी बांटी है। इसका मतलब लोगों को प्रत्यक्ष रूप से सब्सिडी उनके खाते में डालकर सरकार ने एक साल तक सब्सिडी बांटने के पैसों की बचत कर ली है। 

सरकार के एक उच्च अधिकारी ने एक बड़े समाचार को बताया की आने वाले वित्त वर्ष में सेविंग के इन आंकड़ों में अच्छी बढ़ोतरी की संभावनाएं है। जैसा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते है की सरकार 31 मार्च 2018 तक 64 मंत्रालयों की 533 सेंट्रल स्कीमों को डीबीटी सिस्टम के दायरे में लाएगी। अभी प्राप्त जानकारी के अनुसार देश में 17 मंत्रालयों की 84 स्कीमों को डीबीटी के दायरे में लाया गया है। इस सेवा से अब कोई घोटाला नही होगा।

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