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जाने भाजपा को मिल रही बढ़त से क्यों डरा पाकिस्तान...

Last Modified - April 1, 2017, 4:11 pm


दुश्मनों के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर भारत के अपनी 'नो फर्स्ट यूज' पॉलिसी से हटने के संकेतों के बीच पाकिस्तान टेंशन में है। उसकी यह टेंशन और ज्यादा इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि भारत में बीजेपी की अगुआई में 'कट्टर हिंदुत्ववादी अजेंडे' वाली सरकार का शासन है।

दरअसल पाकिस्‍तानी विशेषज्ञों ने आशंका जाहिर की है कि भाजपा के बढ़ते प्रभाव के चलते भारत अपनी परमाणु नीति में बदलाव कर सकता है। पाकिस्‍तान की ओर से डर जताया गया है कि भारत परमाणु हथियारों को पहले उपयोग करने की अपनी रणनीति को बदल सकता है।

पाकिस्‍तानी अखबार द डॉन ने एक रिटायर्ड पाकिस्‍तानी जनरल के हवाले से लिखा है, ”भाजपा सरकार के अतिवादी हिंदुत्‍व एजेंडे की पृष्‍ठभूमि में यह बदलाव हो रहा है।” रिटायर्ड जनरल एहसान उल हक ने लिखा, ”भारत का पुनर्विचार उकसावे वाली कार्रवाई की शृंखला में नया कदम है।”

हक ने डॉक्‍टर नईम सलिक की किताब ‘लर्निंग टू लिव विद द बॉम्‍ब, पाकिस्‍तान: 1998-2016’ के लॉन्‍च के मौके पर यह बयान दिया। पिछले सोमवार (27 मार्च) को मैसाचुसेट्स इंस्‍टीट्यूट ऑफ टैक्‍नोलॉजी (एमआईटी) के परमाणु मामलों के जानकार विपिन नारंग ने भारत की परमाणु नीति में बदलाव के बारे में कहा था। उन्‍होंने कहा था कि इस मामले में भारत, पाकिस्‍तान को पहले इस्‍तेमाल नहीं करने देगा। और भारत की कार्रवाई पारंपरिक नहीं होगी।

बिपिन नारंग ने कहा कि मौजूदा हालातों को देखते हुए भारत पाकिस्तान को परमाणु हमला करने का मौका ही नहीं देगा।  भारत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रखे परमाणु हथियारों के ठिकाने को निशाना बना सकता है। रिटायर्ड पाकिस्‍तानी जनरल ने कहा कि भारत के पहले परमाणु इस्‍तेमाल न करने की नीति को लेकर पाकिस्‍तान ने हमेशा संशय जताया है।


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