मूवी रिव्यू: फिल्म 'मिर्जा जूलियट'

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 08 Apr 2017 06:25 PM, Updated On 08 Apr 2017 06:25 PM

स्टारकास्ट- दर्शन कुमार, पिया बाजपेयी, चंदन रॉय सान्याल, प्रियांशु चटर्जी
निर्देशक- राजेश राम सिंह


फिल्म की कहानी: दबंग बाहुबली धर्मराज शुक्ला (प्रियांशु चटर्जी) की बहन जूली शुक्ला (पिया बाजपेयी) अपने भाइयों की चहेती है। जूली का बड़ा भाई धर्मराज शुक्ला अपनी बहन के लिए कुछ भी कर सकता है और यही हाल जूली के दूसरे भाइयों नकुल और भीम का भी है। तीनों भाई अपनी बहन को बस हमेशा हर हाल में खुश देखना चाहते हैं। जूली के तीनों भाइयों का शहर में दबदबा है।

सभी भाइयों ने बचपन से जूली को राजकुमारी की तरह पाल-पोसकर बड़ा किया है। अपने भाइयों की दबंगई का कुछ असर जूली में भी आ गया है, जूली भी कुछ ज्यादा ही बिंदास और मुंहफट है। दिल में आई बात फौरन बोल देती है। जूली किसी से नहीं डरती और अपने साथ रहने वालों को भी किसी से न डरने की सीख देती है। जूली के भाइयों ने अपनी बहन की शादी शहर के दबंग सत्ता तक पहुंच रखने वाले नेता, विधायक के बेटे राजन (चंदन रॉय सान्याल) के साथ तय कर दी है।

जूली इस शादी के पक्ष में नहीं, लेकिन अपने भाइयों की खुशी की खातिर खुलकर शादी का विरोध भी नहीं कर पा रही। इस सिंपल कहानी में टिवस्ट उस वक्त आता है जब शादी से पहले राजन अपने घर में हो रही शादी से पहले के एक फंक्शन के दौरान वहां भाइयों के साथ पहुंची जूली से जबरन संबंध बनाता है। जूली राजन के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराना चाहती है, लेकिन यहां उसके अपने भाई भी जब उसका साथ नहीं देते। ऐसे में मिर्जा (दर्शन कुमार) जूली का साथ देता है।

मिर्जा दिल ही दिल जूली से प्यार करता है। दरअसल, बोल्ड, बिंदास जूली ने कभी राजन को जलाने के लिए मिर्जा के साथ वक्त बिताया और उसके साथ रिश्ते भी बनाए, लेकिन मिर्जा को जब पता चला जूली की शादी राजन के साथ होने वाली है तो उसने जूली से दूरियां बनाने का फैसला कर लिया। कुछ अर्से बाद जूली को भी मिर्जा से सच्चे प्यार का एहसास होता है। मिर्जा और जूली शुक्ला की यह अजीबोगरीब लव स्टोरी बंदूक की गोलियों, खूनखराबे के साए में इलाहाबाद से निकलकर नेपाल तक पहुंच जाती है।

जूली शुक्ला के किरदार को पिया बाजपेयी ने अपनी ओर से बेहतरीन बनाने की अच्छी कोशिश की है। दूसरी ओर इस लव स्टोरी में दर्शन कुमार का भाव विहीन चेहरा माइनस पॉइंट बनकर रह गया है। बेशक दर्शन ऐक्शन सीन में दर्शन खूब जमे तो मिर्जा के किरदार में अनफिट नजर आए। हां, फिल्म में धर्मराज बने किरदार में प्रियांशु चटर्जी खूब जमे हैं। इस फिल्म से प्रियांशु के रूप में ग्लैमर इंडस्ट्री को अच्छा विलन जरूर मिल गया है।

डायरेक्टर राजेश राम सिंह की बेशक स्क्रिप्ट पर पकड़ अच्छी रही, लेकिन न जाने क्यों उन्होंने कहानी को नॉर्थ बेल्ट की पसंद को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया है। कहानी और किरदारों पर उनकी राजेश ने जरूर पकड़ बनाए रखने के साथ-साथ यूपी और नेपाल की बेहतरीन लोकेशन पर फिल्म क

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