ग्वालियर News

आठ सालों से अपने लापता बेटे को खोज रही ये विधवा माॅ, रोज लगाती है थाने के चक्कर


सतना से नौकरी की तलाश में दोस्तों के साथ सूरत गया एक युवक आठ सालों से गायब है ,सालों गुजर गए ,न लौट के आया न ही उसकी खबर आई, युवक की विधवा माँ साईकल पर हर रोज आपने लाल को ढूंढने निकल पड़ती है, हांथो में उसकी फोटो और आंखों में अंशू लिए ये माँ अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रही ,पर हर बार निराशा ही हाथ लगी। उसे उम्मीद है कि उसका एकलौता बेटा बुढ़ापे का सहारा ये अधिकारी वापस लाकर दे सकते है ।इसी कड़ी में वो भटक रही और अब सतना एसपी ने माँ की करुण अवाज सुनी और उसकी इकलौती संतान को ढूढ़ निकालने का भरोसा दिलाया है।

सतना पुलिस अधीक्षक चेंबर में रो रही ये वो माँ है जो पिछले आठ सालों से भटक रही। इसका पुत्र अमित अपने चार दोस्तों के साथ नौकरी करने गुजरात के सूरत गया ,मगर वापस नही लौटा ।माँ की आँख अब पथरा गई ।पति की मौत हो गई और दो बेटी ससुराल चली गई। बुढ़ापे का सहारा पुत्र लापता है । पुत्र जिंदा है या फिर इस दुनिया में नही इसे नही मालूम। अपने बच्चे की तलाश के लिए 2012 में सतना के सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत की पर पुलिस हमेशा की तरह ऐसे मामलांे में सिर्फ औपचारिकता निभाई। गुमशुदगी लिख युवक को तलाशना भूल गई।

पीड़िता की माने तो पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए पैसे भी लिए पर किया कुछ नही हुआ। जबकि उसके बेटे के साथ उसके दोस्त गए थे। पन्ना जिला निवासी सूरज, इंदू ,रंगे लाल और प्रकाश को सब मालूम है कि अमित कहा है।  बेवा माँ की दुःख भरी फरियाद सुनकर सतना पुलिस अधीक्षक का मन पसीज गया अनान फानन सतना सीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित की और पन्ना एसपी की मदद से लापता अमित को ढूढ़ निकलने का दावा किया। बहार हाल ये माँ पिछले आठ सालों से अपने लाडले की तलाश में भटक रही। हर अफसर और हर ज्योतिष के पास साइकल चलाकर अपने बच्चे की वापसी की गुहार लगा रही। अब इस बेबस माँ की आशा जगी है कि शायद पुलिस दोस्तों से पूछताछ कर अमित के लापता होने का राज पता कर सकें और उसका बुढ़ापे का सहारा वापस आ सके।

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