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झाड़ू-पोंछा लगाने को मजबूर गोपनीय सैनिक लड़कियां ..अफसर करते हैं दुर्व्यवहार

Last Modified - April 21, 2017, 2:49 pm

 

जगदलपुर में एक बहादुर जवान की दो बेटियों को रहम खाकर नौकरी तो मिल गई। लेकिन हर रोज उन्हें अफसरों के दुर्व्यवहार से दो-चार होना पड़ रहा है। जी हां, मामला जगदलपुर का है, जहां के पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में दो गोपनीय सैनिकों की नियुक्ति विशेष परिस्थितियों में हुई। लेकिन वहां के अफसरों की वजह से अब दोनों गोपनीय सैनिक लड़कियां. वहां झाड़ू-पोंछा लगाने के साथ दुर्व्यवहार झेलने को मजबूर हैं।

जगदलपुर के पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में झाड़ू लगा रही ये लड़की, पुलिस विभाग की गोपनीय सैनिक है। ये उस बहादुर जवान अमर सिंह बाघ की बेटी है, जो 25 मई 2013 में हुए जीरम घाटी नक्सली हमले में कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा का गार्ड था और घायल होने के बाद अब तक बिस्तर पर है।

अमर सिंह की लंबी बीमारी और परेशानी के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनकी दो बेटियों शीतल और गायत्री को गोपनीय सैनिक बनाया गया है। लेकिन अब उन्हें बार-बार नौकरी से निकालने की धमकियां मिलती हैं। साथ ही दफ्तर में झाड़ू-पोंछा कराया जाता है।

पुलिस विभाग के अफसरों का कहना है कि अमर सिंह के परिवार या दोनों गोपनीय सैनिकों की ओर से उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत हुई, तो जरूर मामले की जांच की जाएगी।  घायल जवान की पारिवारिक स्थिति को देखते हुए नियमों में फेरबदल कर उनकी दोनों बेटियों को गोपनीय सैनिक बनाया गया। लेकिन अब उनसे लिए जा रहे काम और उनसे हो रहे बर्ताव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।


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