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जिम में ज्‍यादा वर्कआउट करने के नुकसान

Created at - June 4, 2015, 9:55 pm
Modified at - June 4, 2015, 9:55 pm

जिम की वर्कआउट करना अच्छा है, लेकिन कई बार इसके नुकसान भी हमें झेलने पड़ सकते हैं। जिम में हमेशा अपनी क्षमता अनुसार ही वर्कआउट करना चाहिये। कुछ लोग मसल्‍स बनाने या वजन कम करने के चक्‍कर में हद से ज्‍यादा वर्कआउट करते हैं, जिससे खुद को चोट पहुंचती है। कभी-कभी थकान होना अलग बात है लेकिन सांस फूलना सही नहीं है। एक्सरसाइज़ के दौरान सांस फूलना ठीक है, लेकिन जब आप वर्कआउट नहीं कर रहे हैं, तब भी ऐसा होता है तो आप यह वर्क आउट ज्यादा कर रहे हैं। अगर आप रुक जाते हैं या एक विराम ले लेते हैं, तो यह 60 सेकंड में ठीक हो जाता है। अगर आपको सांस जल्दी नहीं आती है, तो इसका मतलब है कि आपने वर्कआउट ज्यादा हार्ड किया है। अगर आपको पैरों और टखनों में सूजन, तेज बुखार, खांसी, सर्दी लगना, अंगुलियों का नीला पड़ना और घरघराहट होती है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए ये हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। सीने में परेशानी किसी बड़े व्यायाम के बाद यदि सांस घुटने के अलावा सीने में बेचैनी महसूस होती है तो इसे हल्के में न लें। वर्कआउट के दौरान उल्टी जैसा होता है तो इसका मतलब है कि आपको डिहाईड्रेशन है या आपके शरीर में गर्मी हो रही है। गर्मी से थकान महसूस होने पर आपको तुरंत ठंडी जगह पर आराम करना चाहिए, यदि आप इसे नजर अंदाज करते हैं तो इससे हीट स्ट्रोक, शरीर के अंगों में खराबी या मौत भी हो सकती है। बुखार बीमारी के दौरान व्यायाम करने की सलाह नहीं दी जाती है खास तौर पर जब आपको बुखार हो। यदि बुखार 100.5 डिग्री से ज्यादा हो तो आपको वर्कआउट नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आप अपने आपको वायरल मायोकार्डिटिस के खतरे में डाल रहे हैं। वायरल मायोकार्डिटिस हृदय की मांसपेशियों में सूजन है और खतरनाक साबित हो सकती है। मांसपेशियों में दर्द वर्कआउट के दौरान या इसके आधे से एक घंटे के बीच आपको जोड़ों में दर्द भी हो सकता है। लेकिन यदि इसके बाद भी यह होता है तो सावधान रहने की आवश्यकता है।


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