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जाने क्यों मनाते हैं श्रमिक दिवस और कैसे हुई थी इसकी शुरुआत...

Last Modified - May 1, 2017, 2:23 pm

एक मई को दुनिया के कई देशों में लेबर डे (मजदूर दिवस) के रुप में मनाया जाता है। इस दिन देशभर में मजदूरों की छुट्टी रहती है. भारत ही नहीं दुनिया के लगभग 80 देशों में इस दिन की छुट्टी होती है। भारत में मजदूर दिवस कामकाजी लोगों के सम्‍मान में मनाया जाता है। भारत में आजादी से पहले 1 मई 1923 को मद्रास में इसकी शुरुआत हुई थी। उस समय इसे मद्रास दिवस के रूप में मनाया जाता था। इसी दौरान भारत में पहली बार लाल झंडा भी फहराया गया था।

क्या है इतिहास-

इस दिन की शुरुआत 01 मई 1886 को हुई थी. अमेरिका के मजदूर संघों ने मिल कर निश्‍चय किया कि वे आठ घंटे से ज्‍यादा काम नहीं करेंगे. इसके लिए संगठनों ने हड़ताल भी की. हड़ताल के दौरान शिकागो की हेमार्केट में बम ब्लास्ट हुआ. इससे निपटने के लिए पुलिस ने मजदूरों पर गोली चला दी, जिसमें कई मजदूरों की मौत हो गयी. 100 से ज्‍यादा घायल हो गए. इसके बाद 1889 में अंतराष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में घोषणा हुई कि हेमार्केट नरसंहार में मारे गये निर्दोष लोगों की याद में एक मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन सभी कामगारों और श्रमिकों का अवकाश रहेगा.

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