रायपुर News

कोरबा जिला में 300 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद 12वीं का रिजल्ट हाशिए पर...

Last Modified - May 3, 2017, 6:05 pm


छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले मे शिक्षा की गुणवत्ता हाशिये पर है जिसका ताजा उदाहरण है जिले में 12वीं का रिजल्ट. सरकारी स्कूल की बात करें तो यहां अतिथि शिक्षकों और कोचिंग के लिए 300 करोड़ खर्च करने के बाद भी 12वीं का रिजल्ट कुछ खास नही रहा. निजी स्कूलों ने तो सोने पर सुहागा कर रखा है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि जिले में सबसे खराब रिजल्ट निजी स्कूलों का ही है. जरा गौर करिए उन स्कूलों पर, छत्तीसगढ़ मंदिर परसाभाटा स्कूल में 12वीं में दर्ज संख्या 2 है और दोनों ही फेल. नवजागृति स्कूल तिवरता में 12 वीं में दर्ज संख्या 3 और तीनों फेल यानि के दोनों स्कूलों में परीक्षा परिणाम शून्य. आदर्श स्कूल नुनेरा में 11 दर्ज संख्या है जिनमें 1 सेकंड डिवीजन, 5 थर्ड डिवीजन और 5 फेल है. ये हाल कोरबा के निजी स्कूलों का है. शिक्षा विभाग के अधिकारी ऐसे स्कूलों की जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं.

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