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तीन तलाक मुस्लिम आस्था का विषय है: कपिल सिब्बल

Last Modified - May 16, 2017, 1:13 pm

कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल में ट्रीपल तलाक केस को मुस्लिम आस्था का विषय बताया है. आपको बतादे इस समय देशभर में ट्रीपल तलाक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है और सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है. मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत के सामने कई दिलचस्प दलीलें पेश कीं। 

सिब्बल ने तीन तलाक को मुस्लिमों की आस्था का मुद्दा बताते हुए उसकी तुलना भगवान राम के अयोध्या में जन्म से कर डाली। उन्होंने कहा कि अगर भगवान राम के अयोध्या में जन्म लेने को लेकर हिंदुओं की आस्था पर सवाल नहीं उठाए जा सकते तो तीन तलाक पर सवाल क्यों? उन्होंने तीन तलाक अमान्य होने की स्थिति में नया कानून लाने के केंद्र के बयान पर भी सवाल उठाए।

कोर्ट में सिब्बल ने कहा कि मुसलमान पिछले 1400 सालों से तीन तलाक की प्रथा का पालन कर रहे हैं और यह विश्वास का मामला है। आप कैसे कह सकते हैं कि यह असंवैधानिक है?' आस्था का सवाल उठाते हुए सिब्बल ने आगे कहा, 'अगर हिंदू मानते हैं कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था तो इस आस्था को संवैधानिक मान्यता के आधार पर सवालों के घेरे में नहीं लाया जा सकता।' 

सिब्बल ने कहा कि कोर्ट को किसी की आस्था और विश्वास को न तो तय करना चाहिए और न ही उसमें दखल देना चाहिए। इस पर जस्टिस आर. एफ नरीमन ने सिब्बल ने पूछा, 'क्या आप यह कहना चाहते हैं कि हमें इस मामले पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए?' जवाब में सिब्बल ने कहा, 'हां, आपको नहीं करनी चाहिए।' 

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