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मूवी रिव्यू: हाफ गर्लफ्रेंड

फिल्म- हाफ गर्लफ्रेंड

कलाकार- अर्जुन कपूर, श्रद्धा कपूर, सीमा बिस्वास 

निर्देशक मोहित सूरी

 

फिल्म की कहानी: एक छोटे से कस्बे सिमराव के रहने वाले माधव झा (अर्जुन कपूर) की कहानी है जो आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली आता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफन्स कॉलेज में अंग्रेजी का बोलबाला देखकर माधव ऐडमिशन की उम्मीद छोड देता है लेकिन बास्केटबॉल के स्पोर्ट्स कोटे में न सिर्फ उसका वहां ऐडमशिन हो जाता है बल्कि बास्केटबॉल की बदौलत ही उसकी वहां एक बेहद अमीर फैमिली से आने वाली और फरार्टेदार अंग्रेजी बोलने वाली रिया सोमानी (श्रद्धा कपूर) से भी दोस्ती हो जाती है। दोनों की कॉलेज लाइफ हंसते-खेलते आगे बढ़ती है। उन दोनों के बीच प्यार होता और फिर तकरार भी। अगर आपने चेतन भगत की किताब हाफ गर्लफ्रेंड पढ़ा है तो आप पहले से ही हाफ गर्लफ्रेंड की कहानी से रूबरू होंगे। 

रिव्यू: माधव अपनी जिंदगी में जब भी मुश्किल में पड़ता है तो वह अपनी मां की सिखाई सीख याद करता है कि 'हार मत मानो, हार को हराना सीखो।' फिर चाहे मामला फरार्टेदार अंग्रेजी बोलने वाली गर्लफ्रेंड पटाने का हो या फिर अपनी मां के स्कूल के लिए विदेशी मदद हासिल करने की खातिर विदेशी मेहमानों के सामने स्पीच देने का। माधव अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानता। यह फिल्म एक ऐसे लड़के की कहानी है जो खुद को साबित करने के लिए इंग्लिश से जूझता रहता है, तो अपनी दोस्त से ज्यादा और गर्लफ्रेंड से कम हाफ गर्लफ्रेंड को पाने की खातिर भी। ठेठ बिहारी लड़के के रोल में खुद को साबित करने के लिए अर्जुन ने काफी मेहनत की है और अपने रोल को अच्छे से निभाया है लेकिन फिर भी लगता है कि कुछ कसर बाकी रह गई। 

एक बेहद अमीर फैमिली से ताल्लुक रखने वाली रिया सोमानी के रोल को श्रद्धा कपूर ने बखूबी निभाया है। हाई क्लास सोसायटी से आने वाली रिया को देहाती माधव में एक ऐसा साथी नजर आता है जिसके साथ वह अपनी टेंशन भरी फैमिली लाइफ से दूर सुकून के कुछ पल बिता सकती है। डायरेक्टर मोहित सूरी ने रिया के किरदार के माध्यम से आजकल की लड़कियों की सोच को पर्दे पर उतारा है जिन्होंने अपनी मां को शादी बचाने की खातिर सब कुछ सहन करते देखा है लेकिन वह खुद इसके लिए राजी नहीं हैं। फिल्म आपको दिखाती है कि महिलाओं के उत्पीड़न के मामले में कोई क्लास पीछे नहीं है, फिर चाहे वह हाई क्लास हो, मिडिल क्लास हो या फिर लोअर क्लास। हर जगह औरतें बस अपनी शादी बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं। फिल्म में मोहित सूरी ने दर्शकों को बांधने के लिए कुछ चेंज भी किए हैं। 

 

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