रायपुर News

छग : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लगाई प्रदेश के नेताओं की क्लास 

Last Modified - June 8, 2017, 8:12 pm

 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की पहली बैठक एकात्म परिसर में हुई , जिसमें उन्होंने सबसे कम सवाल आने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मैंने अब तक जितने राज्यों का दौरा किया है उनमें सबसे कम सवाल और सुझाव छत्तीसगढ़ से ही मिले हैं । इसका मतलब या तो यह है कि यहां सब कुछ ठीक चल रहा है या फिर उसके ठीक उलट । उन्होंने पार्टी के नेताओं से खुलकर अपनी बात कहने की गुजारिश की, कई तरह से उन्होंने नेताओं को कुरेदने की कोशिश की , लेकिन न तो संगठन के खिलाफ और ना ही सरकार के खिलाफ किसी ने मुंह खोलने की हिम्मत की । हालांकि कई सुझाव आए जिनमें पुराने नेताओं को पार्टी में सक्रियता से जुड़े रखने के लिए कोई कार्यक्रम तय करने को कहा गया इसी तरह समय दानी कार्यकर्ताओं का समय और बढ़ाने कभी सुझाव दिया गया लेकिन शाह ने पुराने नेताओं को जोड़ने संबंधी सुझाव का स्वागत किया वहीं समय दानी कार्यकर्ताओं का समय और बढ़ाने से इनकार कर दिया । उन्होंने कहा कि इससे मेरी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी । जिन लोगों को 6 महीने और 1 साल के लिए समय देने को कहा गया है वह पहले से ही नाराज चल रहे हैं यदि उसे और ज्यादा समय मांगा गया तो वह मेरे खिलाफ हो जाएंगे । साथ ही बैठक में किसी भी नेता ने यह कोशिश की उसे कम से कम बोलना पड़े कोई भी नेता इस बैठक में कोई सुझाव देने को तैयार नहीं था।  भाजपा में खेल प्रकोष्ठ बनाने का सुझाव जरूर आया। जिसे शाह ने खारिज करते हुए कहा कि जितने प्रकोष्ठ और सेल बने हुए हैं उसे ही ठीक से चलाने की जरूरत है पहली बैठक के बाद शाह ने विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पर संतों के साथ भोजन में हिस्सा लिया इस बैठक में इस लंच में मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और प्रदेश के प्रभारी डॉक्टर अनिल जैन सौदान सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।

पहली बैठक में अमित शाह का उद्बोधन करीब आधे घंटे चला और इस बीच जितने सुझाव आए थे उनका उन्होंने जवाब भी दिया । अमित शाह का जोर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और जिन वर्गों से भाजपा का जुड़ाव नहीं है वहां तक पार्टी की पहुंच बनाने को लेकर था । प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्जवला योजना में और ज्यादा लोगों को समाहित करने के लिए मापदंड में परिवर्तन के सुझाव को शाह ने सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि अब तक जीतने लोगों को योजना का लाभ मिला है । उन्हें पार्टी के साथ जोड़ने के लिए मशक्कत करें। बैठक के बाद सांसद अभिषेक सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि जो बातें हुई है वह संगठन के अंदर की है कुछ काम का असर तत्काल दिखाई देता है और कुछ का बाद में । आज यह जो बैठक हुई है उसका असर 2018 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा ।

 

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