उज्जैन News

शासन की लापरवाही: सड़ने लगी हैं बच्चियों को मिलने वाली हज़ारों साइकिलें

जिन योजनाओं के बलबूते सरकार अपने प्रदर्शन को बेहतर करने का दवा करती है दरअसल उन योजनाओं की बखिया उधेड़ने में अफसर कोई कोर कसर नहीं छोड़ते. योजना का न तो कभी प्रिव्यू करते हैं और न रिव्यू. नतीजा जिन लोगों के लिए योजना बनती है उनके सामने ही उस योजना का मजाक बन रहा होता है. ताजा मामला उज्जैन में बच्चियों के लिए बंटने आई साइकिल का है जो बिना बंटे ही सड़ रही हैं लेकिन बांटने पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा.

उज्जैन के शासकीय उत्कृष्ट स्कूल में सरकारी की योजना स्कूल चले हम के तहत आई 1000 सायकलें सरकारी योजना की खिल्ली उड़ा रही हैं. क्योंकि जिस योजना के तहत उन्हें यहां भेजा गया था उसके लिए ये किसी कांम की साबित नही हो पा रही हैं ये खड़ी खड़ी अब सड़ने लगी है | सरकार की योजना के मुताबिक सायकले स्कूल की बच्चियों को वितरित की जानी था. 

लेकिन जिला शिक्षा विभाग ने बच्चियों को सायकलो का वितरण अभी तक नहीं किया है. नतीजन सैकड़ो की संख्या में साइकिलें उत्कृष्ट स्कूल के मैदान में भरे पानी में सड़ने लगी है. वही स्कुल के कमरों में भी सेकड़ो सायकले एक के ऊपर एक ख़राब होने के लिए रख दी है.  उज्जैन जिला पंचायत के उपाध्यक्ष भरत पोरवाल जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष होने के नाते मोके पर पहुचे और नजारा देख अधिकारियो को फोन पर फटकार लगाई.

बताया जा रहा है कि फटकार के बाद जिम्मेदारी संभाल रहे अफसरों का जवाब था कि साइकिलें ज्यादा भेज दी गई है और उन्हें वापस भेजना है लेकिन जरा सोचिए सरकारी योजनाओं, सरकारी पैसों और लोगों की उम्मीदों की किस तरह से मजाक उड़ाया जा रह् है.

Trending News

Related News