मंदसौर News

मौत, मातम और मरहम की सियासत..

Last Modified - June 15, 2017, 8:29 am

 

मध्यप्रदेश में फायरिंग में किसानों की मौत और इससे उपजी हिंसा के करीब एक हफ्ते बाद अब लोगों के गुस्से की आग ठंडी होने लगी है। लिहाजा मौत पर मातम मना रहे परिवार के पास मरहम लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहुंचे। दरअसल, उन्होंने इस घटना के बाद हुई अपनी और सरकार की छवि को लेकर सुधार कार्यक्रम की भी शुरूआत की। मृतक के परिजन, प्रभावित कारोबारी से दिनभर मुलाकात के बाद रात भी शिवराज ने मंदसौर में ही बिताई। 

किसानों की मौत और मातम के बाद अब मरहम का दौर शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी और सरकार की छवि सुधारने की गरज से मरहम लिए उन घरों में पहुंचे। जिनका सब कुछ किसान आंदोलन, गोलीकांड और इसके बाद हुए हिंसा में लुट गया। नीमच जिले के जीरन इलाके के नया खेड़ा पहुंचकर मुख्यमंत्री ने मृत किसान चैनसुख पाटीदार के परिवार को ढांढस बंधाया। गांव की डेढ़ किलोमीटर की सड़क जैन सुख के नाम पर करने के साथ उसका स्मारक बनाने की बात भी CM ने कही। 

यहां से मंदसौर पहुंचे CM शिवराज सिंह चौहान ने किसान आंदोलन के दौरान मारे गए सभी किसानों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पिपलियामंडी गोलीकांड में मारे गए अभिषेक पाटीदार के बरखेड़ा पंथ स्थित घर पहुंचकर एक करोड़ का चेक भी अपने हाथों से दिया। पिपलियामंडी में हुई हिंसा और आगजनी के शिकार हुए व्यापारियों से भी मुख्यमंत्री मिले। CM शिवराज ने पत्रकार कमलेश जैन के परिजनों से भी मुलाकात कर उसके हत्यारों को जल्दी गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। 

मृतक किसानों के परिजनों से मुलाकात के बाद मंदसौर में ही आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गोलीकांड की न्यायिक जांच में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हिंसा का शिकार व्यपारियों को आकलन के बाद मुआवजा देने का ऐलान किया है।

किसान आंदोलन से उपजी हिंसा और आगजनी के बाद करीब एक हफ्ते से सुलगते मध्यप्रदेश की फिजा में फिर शांति के साथ सरकार को लेकर भरोसे का माहौल भरने शिवराज सभी को साधने की कोशिश में जुटे हैं। वे इसके लिए मंदसौर में रात भी रुके। देखना ये है कि मुख्यमंत्री का मरहम. मौत के बाद मातम मना रहे लोगों के आंसू को गुस्से में बदलने ने से रोकेगा या नहीं। 

 

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