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शराब का बीमा करवाने के लिए सरकार खोज रही कंपनी, कांग्रेस ने बोला हमला

Last Modified - June 18, 2017, 2:35 pm

 

एक तरफ शराबबंदी पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ रही है, तो वही शिवराज सरकार ने प्रदेश के 14 जिलों के वेयरहाउसों में रखी विदेशी शराब को ‘सेफ जोन’में लाने की तैयारी कर ली है। इसके तहत करोड़ों रूपए खर्च कर शराब का बीमा कराया जा रहा है। सरकार ने फैसला प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर लिया है। लेकिन शिवराज सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस जमकर चुटकी ले रही है।

यदि आग लगने, भूकंप या अन्य प्राकृतिक आपदा की वजह से वेयरहाउस की शराब को हानि पहुंचती है, तो सरकार को नुकसान नहीं झेलना पड़े। ऐसी स्थिति में बीमा एजेंसी की जिम्मेदारी होगी और शराब की कीमत एजेंसी ही चुकाएगी। विदेशी शराब का बीमा करने के लिए आबकारी विभाग बीमा एजेंसी की तलाश कर रहा है। 

प्रदेश के वेयर हाउस में रखी शराब के लिए सरकार बीमा क्षेत्र में काम कर रही एजेंसियों से बीमा की दरें आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक एजेंसियों से 21 जून तक दरें मांगी हैं। इस आशय की जो सूचना निकाली गई है,उसमें बताया गया है कि प्रदेश में ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, उज्जैन, होशंगाबाद, शिवपुरी, खरगौन, सिवनी, छतरपुर, रतलाम, शहडोल आदि जिलों में विदेशी शराब वेयरहाउस संचालित हैं। इनमें अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब का भंडारण होता है। जहां से शराब ठेकेदारों को शराब की सप्लाई की जाती है। वहीं कांग्रेस सरकार के आबकारी विभाग के इस फैसले पर शिवराज सरकार पर निशाना साध रही है...। 

मध्यप्रदेश के सभी वेयर हाउसों में 1200 से 1300 करोड़ रुपए की शराब रखी होती है। इस कीमत के हिसाब से ही शराब का बीमा कराया जाएगा। जो भी बीमा एजेंसी शराब का बीमा करने की इच्छुक हैं, वे अपनी दरें आबकारी आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद आयुक्त द्वारा गठित कमेटी द्वारा दरों का परीक्षण कर बीमा एजेंसी तय की जाएगी। लेकिन फिलहाल आबकारी के शराब बीमा वाले फैसले पर कांग्रेस जमकर शिवराज सरकार पर हमला बोल रही है, ऐसे में क्या बीमा एजेंसी तय हो पाएंगी... ये देखने वाली बात होगी।

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