News

मूवी रिव्यू: एक हसीना थी, एक दीवाना था

Last Modified - July 1, 2017, 6:31 pm

फिल्म- एक हसीना थी, एक दिवाना था

स्टारकास्ट- शिव दर्शन, नताशा फर्नांडिस, उपेन पटेल

निर्माता,निर्देशक- सुनील दर्शन

 

 

कहानी-  फिल्म भूत-प्रेत-आत्मा टाइप की बातों से शुरू होती है। हीरो एक आत्मा है, जो किसी जमाने में मरने से पहले हीरोइन की हमशक्ल नानी के साथ ‘मन की बात’ नहीं कर पाया था, इसलिए पोती को देखते ही फिदा है। 

हीरोइन को भी लगता है कि यूरोप की एक खूबसूरत लोकेशन के भव्य मेंशन में वह पहली बार नहीं आई। पुराना कनेक्शन जरूर है। इस बीच कहानी में चर्चा होती  है कि क्या भूत सचमुच होते हैं. पता लगता है कि नहीं होते! फिर क्या चक्कर है...? हीरो को किसी ने आत्मा होने का ड्रामा करने और हीरोइन को आत्महत्या के लिए मजबूर करा देने के वास्ते पैसे दिए हैं।

 

Trending News

Related News