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व्यापमं घोटाले की जांच में CBI 2 सालों में 2 कदम भी आगे नहीं बढ़ी: व्हिसल ब्लोअर

 

व्यापमं घोटाले की जांच की सुस्त रफ्तार को लेकर व्हिसल ब्लोवर ने गंभीर सवाल उठाए हैं। व्हिसल ब्लोअर के मुताबिक व्यापमं घोटाले की जांच करते हुए CBI को 2 साल हो चुके हैं, लेकिन 2 साल में CBI की जांच दो कदम भी आगे नहीं बढ़ी है। व्हिसिल ब्लोअर का ये भी आरोप है, कि CBI रसूखदारों को बचाने का काम कर रही है।

साल 2015 में CBI ने व्यापमं घोटाले के खिलाफ जांच शुरू की। 400 तेज तर्रार अफसरों को मध्यप्रदेश भेजा,  लेकिन जांच की सुस्त रफ्तार को लेकर अब RTI एक्टिविस्ट और व्हिसिल ब्लोवर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।पारस सकलेचा के मुताबिक CBI ने 2 साल में जांच के नाम पर  डेढ़ सौ करोड़ तक खर्च कर दिए, लेकिन 25 फीसदी से भी कम मामलों में चालान पेश कर पाई है। सकलेचा का ये भी आरोप है, कि CBI ने 212 केस में से STF से सिर्फ 154 केस ही टेकओवर किए और इनमें से भी अभी चंद केसों में ही जांच पूरी हो पाई है। उनका ये भी आरोप है, कि 13 सौ 70 ऐसे आवेदन अधर में लटके हुए हैं, जिनकी जांच ना तो CBI कर रही है और ना ही STF ने जांच की है। 

पारस सकलेचा समेत कई एक्टिविस्ट आरोप लगा रहे हैं, कि CBI केंद्र के इशारे पर काम कर रही है और वो रसूखदारों को बचाने में भी जुटी है। व्हिसल ब्लोअर्स के मुताबिक CBI को लोगों की भावना और व्यापमं घोटाले के चलते बेरोजगार हुए युवाओं की तकलीफ के बारे में सोचते हुए पारदर्शी तरीके से जनता के सामने हर अपडेट रखना चाहिए, लेकिन इसके उलट CBI व्यापमं घोटाले के खिलाफ सबूत देने वाले एक्टविस्टों से मिलती तक नहीं है।

 

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