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बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसलिए केवट बना पढ़ाई से वंछित रहा युवक

 

पढ़ाई की कीमत क्या होती है ये वहीम जानता है जो पढ़ाना चाहता है पर किसी वजह से पढ़ नहीं पाता... लेकिन वो शिक्षा को ही करोकार मानर परोपकार करते हैं... गरियाबंद में एक युवक इस भरी बरसात में उफान पर नदी के बीच बच्चों को मुफ्त में नदी के इस पार से उस पार कराता है... ताकी किसी भी तरह बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो।

गरियाबंद में एक युवक खुद तो पढाई नही कर सका मगर दुसरों की पढाई बाधित ना हो इसके लिए अपना योगदान दे रहा है, युवक अपने दोस्तों के साथ मिलकर स्कूली बच्चों को नदी पार कराने का काम कर रहा है, ताकि बाढ के दिनों में बच्चों की पढाई प्रभावित ना हो, युवक का नाम बालमुकुंद है और वह तर्रीघाट का रहने वाला है, बालमुकुंद ने बताया कि उनके गॉव से लगे सरगीनाला में पिछले कुछ दिनों से बाढ के हालात बने हुए है, नदी पर बना पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और नया निर्माणाधीन पुल बारिश में बह गया है, जिसके चलते नदी को पार करना मुश्किल हो रहा है, जब उसने देखा कि ज्यादा पानी होने के कारण नदी के उस पार के 100 से ज्यादा बच्चे नदी के इस पार तर्रीघाट अपने स्कूल नही पहुंच पा रहे है और उनकी पढाई प्रभावित हो रही है तो उसने अपने 4-5 दोस्तों के साथ मिलकर एक नाव बनायी और फिर उन स्कूली बच्चों को रोज स्कूल आने और जाने के समय नाव में बिठाकर नदी पार कराने का काम शुरु कर दिया, इसके लिए वह बच्चों से किसी प्रकार को कोई शुल्क नही लेता, इसके पीछे उन्होंने बताया कि वह 10वीं पास है और किसी कारणवश अपनी आगे की पढाई जारी नही रख सका जिसका उसे बहुत मलाल है, मगर वह नही चाहता कि दुसरे बच्चों की पढाई भी किसी कारणवश बाधित हो इसलिए बाढ के दिनों में वह बच्चों को नाव में बिठाकर नदी पार कराने का काम कर रहा है, ताकि बच्चों की पढाई निरंतर जारी रह सके और बच्चों को किसी कारणवश पढाई अधूरी ना छोडनी पडे।

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