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स्कूल में शिक्षक नहीं, 5वीं की छात्रा ने उठाया बच्चों को पढ़ाने का बेड़ा

Last Modified - July 26, 2017, 8:08 pm

 

कक्षा में बेठे बच्चों को पढ़ा रही इस शिक्षिका की तस्वीरें देखकर आप भी चैंक गए होंगे...सोच रहे होंगे कि कितनी तरक्की कर ली भारत ने... टैलेंट हो तो भारत जैसा...लेकिन हम आपको बताना चाहते हैं कि इस भुलावे में कतई न रहिएगा... ये कोई शिक्षिका नहीं है बल्कि इसी स्कूल की पांचवीं की छात्रा है... .आपको जानकर हैरानी होगी कि बुरहानपुर के अम्बेडकर वार्ड के शासकीय प्राथमिक शाला में एक भी शिक्षक नही होने से स्कूल का संचालन इसी स्कूल में पड़ने वाली पांचवी कक्षा की छात्रा धन्वन्तरी को करना पड़ रहा है... और तो और स्कूल समय पर खोलना और समय पर बन्द करने की जबाबदारी भी इसी छात्रा के कंधों पर हैं... सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि 10 साल की धन्वन्तरी पहली से चैथी कक्षा के बच्चों को एक शिक्षिका की तरह पढ़ा भी रही है...लेकिन स्कूल में शिक्षिका बनी इस छात्रा का पढ़ाने का तरीका भी इतना आसान है कि बच्चे भी मन लगाकर पढ़ रहे है ....लेकिन अब धन्वन्तरी को भी अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। 

ये सिलसिला नवीन शिक्षा सत्र शुरु होने से अब तक चल रहा है... इतना सबकुछ होने के बाबजूद इस और कोई ध्यान देने के लिए आगे नही आया... जिस कारण धन्वंतरी सहित दूसरे बच्चों का भविष्य भी अंधकार में जा रहा है... उधर शिक्षा अधिकारी सीना ठोककर बोल रहे हैं कि शाम तक आदेश जारी हो जाएगा। 

अधिकारी कहते हैं कि मामला अब संज्ञान में आया है... लेकिन जरा सोचिए हर बार की तरह अगर मीडिया इन साहबों को याद न दिलाए तो क्या शिक्षा की बदहाल व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा... आप भी जरा देखिए अपने आसपास और देखकर ऐसे साहबों को याद दिलाइये कि आप जैसों ने शिक्षा का क्या हाल कर दिया है।

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