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तीन साल की मासूम के मुंह में तम्बाकू डालकर मार रहे थे दादा-दादी, फिर ये हुआ

 

सरकार भले ही बेटियों को बचाने की खातिर समाज को जागरूक करने के लिए बेटी बचाओ अभियान चला रही है, लेकिन सरकार का ये अभियान भिंड में बेअसर दिखाई दे रहा है। जी हां भिंड में एक दादा-दादी ने अपनी पोती को मुंह में तम्बाकू डालकर मारने का प्रयास किया। वो तो गनीमत रही कि बच्ची की मां ने बच्ची के मुंह से तम्बाकू निकालकर उसे बचा लिया। बच्ची के माता-पिता ने इस बात की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने दादा-दादी कि खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। 

रीमा लोहरपुरा गॉव की निवासी है। रीमा अपने पति पवन यादव को साथ लेकर एसपी अनिल कुशवाह के पास अपनी तीन महीने की मासूम बच्ची की जान बचाने की गुहार लेकर आई है। रीमा को अपनी बच्ची की जान का खतरा किसी और से नहीं बल्कि अपने सास-ससुर से है। दरअसल रीमा का आरोप है कि उसकी सास मोहर श्री और ससुर प्रकाश यादव ने रीमा की बच्ची को मारने के उद्देश्य से बच्ची के मुंह मे तम्बाकू भर दी। रीमा को जैसे ही इस बात का पता लगा तो रीमा ने तुरंत बच्ची के मुंह से तम्बाकू निकाली और उसकी जान बचाई। जब रीमा ने अपने सास-ससुर से ऐसा करने का कारण पूछा तो उन्होंने बच्ची कि शादी में दहेज के लिए पैसा खर्च होने का हवाला देकर बच्ची को मार देने की बात कही। 

जब बच्ची के पिता पवन ने अपने माता-पिता की इस करतूत का विरोध किया तो उन्होंने पवन और उसकी पत्नी को मारपीट कर बच्चों समेत घर से बाहर निकाल दिया। पवन का आरोप है कि उसके माता-पिता ने उसकी 6 बहनों को भी ऐसे ही बचपन में खत्म कर दिया था। 

एसपी अनिल कुशवाह ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए पवन के माता-पिता के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने के आदेश दे दिए है। लिंगानुपात के मामले में भिंड जिला पूरे प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर है। कुछ साल पहले गोहद इलाके के खरौआ गॉव में भी एक बच्ची को माता-पिता द्वारा मारने का मामला सामने आया था। जिसमे पुलिस ने हत्या का प्रकरण भी दर्ज किया था। इन मामलों के सामने आने से एक बात तो साफ हो गई है कि सरकार भले ही कितना भी जन-जागरण करले लेकिन भिंड आज भी बच्चियों के लिए मौत का घर ही बना हुआ है।

 

 

 

 

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