रायपुर News

अप्रशिक्षित शिक्षाकर्मियों को केंद्र और राज्य से करारा झटका

Last Modified - August 12, 2017, 11:56 am

संविलियन, सातवां वेतनमान जैसी मांगों के साथ सरकार से आर-पार की लड़ाई का ऐलान करने वाले हजारों शिक्षाकर्मियों के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ा झटका दे दिया है। केंद्र सरकार के एक आदेश में कहा गया है कि 8वीं क्लास तक के सभी शिक्षकों को हर हाल में मई 2019 तक दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन का कोर्स पूरा कर लेना होगा, वर्ना उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। वहीं, शुक्रवार को प्रदेश के पंचायत विभाग ने 9-12वीं तक के अनट्रेंड शिक्षकों के लिए खुद के खर्च पर ट्रेंड होने का फरमान जारी किया है। 

पहली से 8वीं क्लास तक पढ़ाने वाले सरकारी और प्राइवेट टीचर अगर बीएड या डीएड नहीं हैं तो उन्हें नेशनल ओपन स्कूल की ओर से शुरू किए गए डी.एल.एड का कोर्स हर हाल में पूरा करना होगा. राज्य सरकार का ये नया आदेश प्रदेश के करीब 11 हजार सरकारी और 25 हजार निजी शिक्षकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।  आरटीई के नियम के मुताबिक 31 मार्च 2019 तक इस कोर्स नहीं कर पाने टीचर नौकरी नहीं कर पाएंगे. और तो और, जिन अप्रशिक्षित शिक्षकों के 12वीं में 50 प्रतिशत से कम मार्क्स हैं उन्हें दोबारा 12वीं की परीक्षा देनी होगी. राज्य ओपन स्कूल से उन्हें मार्च 2019 तक 50 प्रतिशत मार्क्स के साथ यह परीक्षा भी उत्तीर्ण  करने का भी अल्टीमेटम दिया गया है। 

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