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पीएम ने किसे कहा कि वंदे मातरम कहने का नहीं है हक?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो में 1983 में दिए गए ऐतिहासिक भाषण की आज 125वीं वर्षगांठ के मौके पर पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया। दिल्ली के विज्ञान भवन में दिए गए इस विशेष भाषण को सुनने बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजुद रहे इसी के साथ उनका ये भाषण टेक्निकल कॉलेजों में भी लाइव देखा गया।

अपने भाषण के दौरान पीएम ने स्वामी विवेकानंद की द्वारा उठाए गए गंभीर कदमों का जिक्र करते हुए उनके विचारों को भी महत्व दिया। पीएम मोदी ने कहा कि विवेकानंद वे महापुरुष थे, जिन्होंने दुनिया को सवा सौ साल पहले एक नया रास्ता दिखाया। स्वामी विवेकानंद वे शख्सियत थे, जिन्होंने शिकागो में दिए अपने ऐतिहासिक भाषण से दुनिया को एक नया नजरिया दिया था। इसी के साथ एक बार फिर पीएम मोदी ने युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से लेकर साफ-सफाई का संदेश दिया। पीएम ने युवाओं को जागरूक करने की कोशिश करते हुए कहा कि देश का युवा ऐसा सक्षम बने की वो नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि देने वाला बन सके।

वंदे मातरम् के नारे से विज्ञान भवन गूंजा गया जिसपर पीएम मोदी ने सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लोगों को इसे पुकारने का हक नहीं है। दरअसल, पीएम मोदी ने गंदगी फैलाने वालों को आड़े हाथ लिया और उन्हें हिदायत दी कि उन्हें वंदे मातरम् कहने का कोई हक नहीं है। पीएम ने कहा कि पान की पिचकारी के बाद वंदे मातरम् कहने का कोई हक नहीं है। गंदगी फैलाने के लिए पीएम ने छात्र राजनीति करने वालों को भी जिम्मेदार ठहराते हुए। पीएम के मुताबिक कहीं भी छात्र राजनीति करने वाले सफाई की बात नहीं करते। जब चुनाव हो जाते हैं तो अगले दिन कैंपस की हालत सब जानते हैं और फिर भी वंदे मातरम का नारा लगाया जाता है।

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