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रोहिंग्या मुसलमानों को वापस नहीं भेज सकता भारत - UN मानवाधिकार परिषद

Last Modified - September 12, 2017, 2:17 pm

 

जिनेवा। म्यांमार में हिंसा के कारण भागकर भारत आए रोहिंग्या मुसलमानों को भारत वापस भेजने के भारत सरकार के प्रयासों को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद प्रमुख अल हुसैन ने गलत बताते हुए कहा कि रोहिंग्या समुदाय के लोग अपने देश में हिंसा झेल रहे है। हुसैन ने मानवाधिकार परिषद में बोला की भारत में करीब 40,000 रोहिंग्या मुसलमानों ने शरण ली है जिनमें से 16,000 के पास तो बकायदा शरणार्थी के तौर पर दस्तावेज मौजूद है। उन्होने ने आगे कहा की भारत सरकार इस तरह किसी को सामुहिक तौर पर निष्कासित नहीं कर सकती। वह लोगों को ऐसे स्थान पर लौटने के लिए मजबूर नहीं कर सकती तहां उनके उत्पीड़न और अन्य तरीकों से सताए जाने का खतरा हो। परिषद का यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्रिय गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू ने कहा था कि रोहिग्या अवैध रूप से आए है और उन्हे वापस भेजने के अपने रूख पर हम कायम हैै। 

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