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विकास ने 20 साल से इस गांव का रुख नहीं किया

Last Modified - September 22, 2017, 11:09 am

’20 साल से भी ज्यादा हो गए, हम पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां से कुछ दूर एक नदी तो बहती है, लेकिन गर्मियों में वो भी सूख जाती है। जब पीने के लिए पानी नहीं मिले तो मुश्किलें होती ही हैं। जहां-तहां से जैसा भी पानी मिले, उसे ही पीना पड़ता है, इसलिए गांव में कई लोग बीमार पड़ते रहते हैं। छत्तीसगढ़ का एक जिला है बलरामपुर, जहां के जिला मुख्यालय से सिर्फ 8 किलोमीटर दूर स्थित है डूमरपारा गांव। आपने ऊपर जो पढ़ा, वो इसी डूमरपारा गांव के ग्रामीणों का कहना है। गांव की हालत देखते ही ये समझ में आ जाता है कि विकास ने कभी यहां का रास्ता नहीं देखा। सरकारी जनकल्याणकारी योजनाएं क्या होती हैं, समाज के सबसे निचले वर्गों को विकास का फायदा कैसे मिलता है, ये डूमरपारा गांव के लोगों को पता नहीं है।

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छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में पिछले 14 साल से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। इतने लंबे समय तक लगातार शासन की उपलब्धि हाल ही में 5000 दिन आपके साथ नाम के अभियान के साथ सरकार ने मनाई है। इससे पहले अजीत जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी और उससे पहले जब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जब एकीकृत थे, तब कांग्रेस शासन था। डूमरपारा के लोगों ने कांग्रेस से लेकर भाजपा तक का शासन देखा है, लेकिन अपने गांव में पेयजल का इंतजाम करते कभी शासन-प्रशासन को नहीं देखा। 

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दो दशक से भी ज्यादा समय से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे डूमरपारा के ग्रामीणों ने वैसे तो शासन-प्रशासन से उम्मीद छोड़ दी है, लेकिन बताया जा रहा है कि जिला कलेक्टर ने अब इस समस्या पर संज्ञान लिया है। जिला कलेक्टर ने यहां के ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि बहुत जल्दी उन्हें न सिर्फ साफ पेयजल बल्कि घरेलू जरूरतों के लिए भी साफ पानी मिलने लगेगा।

 

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