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जानिए क्या है छत्तीसगढ़ और ऑस्कर नामित "न्यूटन" का गहरा रिश्ता

ऐसा शायद पहली बार हुआ है कि किसी फिल्म को उसकी रीलीज डेट पर ही ऑफिशियल एंट्री के तौर पर ऑस्कर के लिए नामित किया गया है, लेकिन निर्देशक अमित मासूरकर और अभिनेता राजकुमार राव की न्यूटन ने ये कमाल किया है। आपको बता दें कि सुर्खियां बटोर रही न्यूटन के निर्माण का छत्तीसगढ़ से गहरा रिश्ता है। 

छत्तीसगढ़ को लेकर कई लेख और किताब लिख चुके लेखक-पत्रकार राहुल पंडिता के उपन्यास हेलो बस्तर को पढ़ने के बाद न्यूटन के निर्देशक अमित मासूरकर के दिमाग में इस फिल्म को बनाने का आइडिया आया था। बस्तर छत्तीसगढ़ का नक्सल प्रभावित इलाका है और इस इलाके की नक्सली समस्या को लेकर कई डॉक्यूमेंट्रीज भी बनाई जा चुकी हैं, लेकिन अमित मासूरकर इस थीम पर फिल्म बनाने की ठान चुके थे, जिसके लिए उन्होंने काफी शोध भी किया।

ऑस्कर जाएगी राजकुमार राव की न्यूटन

जब इस फिल्म के निर्माण की रूपरेखा तय हो गई तो पहले कश्मीर के लोकेशन पर शूटिंग की योजना बनी, लेकिन बाद में तय किया गया कि कहानी छत्तीसगढ़ के बस्तर की है तो शूटिंग भी रियल लोकेशन पर होनी चाहिए। पहले बारनवापारा अभयारण्य में शूटिंग की तैयारी थी, लेकिन बाद में इसे बालोद के दल्लीराजहरा में शिफ्ट किया गया। यहां से दो किलोमीटर दूर जंगलों में ज्यादातर हिस्से को फिल्माया गया। इस फिल्म की शूटिंग यहां 6 हफ्ते तक की गई है। जब शूटिंग चल रही थी, उस समय काफी गर्मी थी, जिससे पूरी यूनिट परेशान थी, इसके बावजूद शूटिंग रोकी नहीं गई। राजकुमार राव ने न्यूटन की शूटिंग के दौरान खुद भी कहा था कि गर्मी के बावजूद पूरी टीम का ध्यान सिर्फ काम पर केंद्रित रहा। उन्होंने शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों से मिलने वाली मदद की भी काफी प्रशंसा की थी। न्यूटन नक्सल प्रभावित इलाके में चुनाव संचालन की थीम को लेकर फिल्माई गई है और छत्तीसगढ़ में शूटिंग होने के कारण स्थानीय छत्तीसगढ़ी कलाकारों को भी इसमें मौका मिला है। इसके साथ ही जहां भीड़ दिखानी है, वहां छत्तीसगढ़ी लोगों को फिल्माए जाने से न्यूटन में रियलिटी दिखने को मिलती है।

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