News

मूवी रिव्यू: जुड़वा-2

 

फिल्म- जुड़वा 2

निर्देशक- डेविड धवन

निर्माता- साजिद नादियाडवाला

कलाकार- वरुण धवन, तापसी पन्नू, जैकलिन फर्नांडिस, अनुपम खेर, सलमान खान, राजपाल यादव, पवन मल्होत्रा, विवान भंतेना, अली असगर

 

नब्बे के दशक में बनी डेविड धवन की फिल्म जुड़वा में बॉलीवुड के दंबग खान यानी सलमान खान ने खूब जलवा दिखाया था, कॉमेडी और मसालेदार इस फिल्म को लोगों ने काफी पसंद किया था. अनुमलिक की आवाज़ में इस फिल्म के गाने भी काफी हीट रहे फिल्म के गाने लोग आज भी गुनगुनाते हैं.

मूवी रिव्यू - भूमि, हसीना पारकर, न्यूटन

अब डेविड ने एक बार फिर कुछ ऐसा ही जादू चलाने के लिए जुड़वा का रीमेक जुड़वा 2 तैयार किया है। इसमें उनके बेटे वरुण धवन ने दोहरी भूमिका निभाई है, जबकि उनके अपोजिट दो हीरोईन तापसी पन्नू और जैकलिन फर्नांडिस हैं। जुड़वा में तापसी और जैकलिन वाले रोल में करिश्मा कपूर व रंभा थीं।

मूवी रिव्यू: बादशाहो

हीरो के डबल रोल वाली फिल्में पिछले कुछ अरसे में कईं रिलीज हो चुकी हैं, लेकिन अब से करीब दो दशक पहले सलमान खान के साथ 'जुड़वा' बना चुके डायरेक्टर डेविड धवन ने एक बार फिर दिखा दिया है कि बात चाहे हीरो को डबल रोल में लेकर डबल एंटरटेनमेंट की हो या फिर डबल मस्ती की, वह इस जॉनर के मास्टर हैं। फिर चाहे उनका हीरो सलमान खान हो या फिर उनका खुद का बेटा वरुण धवन। करीब 20 साल बाद फिर से बनी जुड़वा 2 की कहानी वही पुरानी है और डायरेक्टर भी डेविड धवन ही हैं। लेकिन फिल्म को उन्होंने आज के अंदाज में एकदम नए फ्लेवर में पेश किया है। 

फिल्म में राजा (वरुण धवन) और प्रेम (वरुण धवन) जुड़वा बच्चे हैं, जिन्हें एक स्मगलर उनके पापा से दुश्मनी की वजह से अलग कर देता है। स्मगलर के गुंडों से बचने के लिए प्रेम के पैरंट्स उसे लेकर लंदन ले जाते हैं। जबकि राजा को मुंबई में एक गरीब औरत ने पाला है। वक्त के साथ दोनों राजा और प्रेम मुंबई व लंदन में जवान होते हैं। 

मूवी रिव्यू: 'बाबूमोशाय बंदूकबाज़'

वक्त एक बार फिर खुद को दोहराता है, जब राजा उस स्मगलर के बेटे के गुंडों से बचने के लिए लंदन भागता है। लंदन की फ्लाइट में तेज-तर्रार राजा की मुलाकात अलीष्का (जैकलीन फर्नांडिस) से होती है। वहीं सीधा-सादा प्रेम जब कॉलेज पहुंचता है, तो वहां समारा (तापसी पन्नू) उसे रैंगिंग से बचाती है। उसके बाद शुरू होता है फुल मस्ती का दौर। प्रेम और राजा के हमशक्ल होने के चलते उनकी गर्लफ्रेंड्स से लेकर फैमिली, कॉलेज और वर्कप्लेस तक पर कंफ्यूजन होता है और साथ में फुल एंटरटेनमेंट भी। 

मूवी रिव्यू: 'टॉयलेट' एक प्रेमकथा

इंटरवल तक फिल्म में फुल मस्ती होती है। उसके बाद वही होता है, जो हिंदी फिल्मों में हमेशा से होता आया है। राजा अपनी बिछड़ी हुई फैमिली से मिल जाता है और साथ ही स्मगलर और उसके बेटे को भी सबक सिखा देता है। प्रेम और राजा का कंफ्यूजन खत्म होता है और दोनों की गर्लफ्रेंड्स भी उनकी हो जाती हैं। इस तरह हैपी एंडिंग पर फिल्म दी एंड होती है। 

 

 

वेब डेस्क, IBC24

Trending News

Related News