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केंद्र सरकार ने दिया जीएसटी कटौती का दिवाली गिफ्ट

Last Modified - October 7, 2017, 5:25 pm

 

एक देश, एक कर यानी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने का स्वागत एक सुर से नहीं किया गया और इसकी दरों, स्लैब्स और प्रावधानों को लेकर लगातार विरोध होता रहा है। दिवाली करीब होने के बावजूद बाज़ार में छाई सुस्ती, ज्वेलरी की लगातार घटती जा रही मांग और विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी के भी कुछ नेताओं की ओर से संशोधन की मांग के बीच गुरुवार को दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 22वीं बैठक हुई, जिसके बाद केंद्र सरकार ने राहत कदमों का ऐलान किया। इन राहत कदमों की अहमियत इसी से समझी जा सकती है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी।

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जीएसटी परिषद ने सालाना डेढ़ करोड़ तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को अब हर महीने रिटर्न भरने से राहत दे दी है। अब इन्हें हर तीन महीने पर रिटर्न दाखिल करना है। इस फैसले से देशभर के करीब 5 करोड़ से ज्यादा छोटे कारोबारियों को फायदा होगा। एक और राहत देते हुए काउंसिल ने कंपाउंडिंग स्कीम के तहत 75 लाख टर्नओवर की सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ कर दिया है। 

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कंपाउंडिंग डीलरों को दूसरे राज्यों में माल बेचने का अधिकार और इनपुट सब्सिडी का लाभ देने के लिए 5 सदस्यीय मंत्री समूह के गठन का फैसला किया गया साथ ही रिवर्स चार्ज सिस्टम को 31 मार्च तक 2018 तक स्थगित कर दिया गया है। पहले रजिस्टर्ड करदाताओं को अनरजिस्टर्ड आपूर्तिकर्ता से माल खरीदने पर टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब 31 मार्च तक इससे राहत मिल गई है।

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छोटे कारोबारियों के साथ सर्राफा व्यापारियों को भी राहत मिली है, अब 2 लाख रुपए तक की ज्वेलरी खरीदने के लिए पैन कार्ड या आधार कार्ड का विवरण नहीं देना होगा। अब तक यह सीमा 50 हजार रुपए थी। पिछले 2-3 साल की तुलना में इस बार सोने की ज्वेलरी की मांग में 60 फीसदी की कमी आई है, जिसे इस राहत कदम से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके साथ ही वस्तुओं के टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया गया है 

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रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली जिन वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया है, उनमें बच्चों के खाने के पैकेज्ड फूड, अनब्रांडेड नमकीन, खाकड़ा, मानवनिर्मित धागों से बने वस्त्र, स्टेशनरी समेत 27 आइटम्स शामिल हैं।

 

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24

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