News

मूवी रिव्यू- रांची डायरीज़

Last Modified - October 14, 2017, 6:14 pm

फिल्म- रांची डायरीज

कलाकार- हिमांश कोहली, जिम्मी शेरगिल, सौंदर्या शर्मा, ताहा शाह, सतीश कौशिक और अनुपम खेर 

निर्देशक- सात्विक मोहंती

 

स्टोरी- फिल्म को कॉमिक अंदाज में बनाने की कोशिश है, जो बुरी तरह नाकाम नजर आती है। कहीं किसी रूप में हास्य पैदा नहीं होता और न गुदगुदी होती है। अपने सपनों को पूरा करने या रातोंरात अमीर बनने के लिए बैंक डकैतियों की जाने कितनी अच्छी-बुरी कहानियां पर्दे पर आ चुकी हैं।

मूवी रिव्यू: जुड़वा-2

 

सात्विक मोहंती इस फिल्म से पहले माय फ्रेंड पिंटो, मेरठिया गैंगस्टर्स सहित कई फिल्मों के साथ बतौर सहायक डायरेक्टर जुड़े रहे हैं। सात्विक मोहंती खुद भुवनेश्वर से हैं लेकिन उन्होंने बतौर डायरेक्टर अपनी पहली फिल्म की शूटिंग फर्स्ट-टु-लॉस्ट रांची की अलग-अलग चालीस लोकेशन पर सिर्फ सत्ताइस दिनों में पूरी की। कहानी के मिजाज के मुताबिक ही मोहंती ने बॉक्स आफिस की परवाह किए बिना स्टार का सिलेक्शन किया।

मूवी रिव्यू - भूमि, हसीना पारकर, न्यूटन

जिसमें रांची में रहने वाले कुछ युवा बड़े सपने देखते हैं। इनमें हमेशा पॉजिटिव सोचने का फंडा देने वाली गुड़िया (सौंदर्या शर्मा) के दिमाग में बैंक में डकैती डालने का आइडिया आता है। एक डकैती सारी मुश्किलों को हर कर सकती है। फिल्म में लोकल डॉन और राजनेतानुमा ठाकुर साहब (अनुपम खेर) और इंस्पेक्टर लल्लन सिंह (जिमी शेरगिल) भी हैं। दोनों मामा-भांजे हैं मगर विपरीत सोचते हैं। झारखंड की कहानी होने से लेखक-निर्देशक ने इसमें नक्सली एंगल भी डाल दिया है।

मूवी रिव्यू: 'बाबूमोशाय बंदूकबाज़'

रांची शहर की गुड़िया अच्छा गाती है, हर किसी को लगता है गुड़िया टॉप सिंगर बन सकती है। वहीं गुड़िया पॉप म्यूजिक की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहती है, गुडिया की फ्रेंड मंडली भी उसके इस सपने को पूरा करने में उसकी मदद कर रही है। गुड़िया के खास दोस्त मोनू उर्फ मनीष और पिंकू भी हर मोड़ पर गुड़िया को फुल सपॉर्ट करते हैं, वैसे मोनू खुद भी इंजिनियर है।

मूवी रिव्यू: 'टॉयलेट' एक प्रेमकथा

हर कोई मोनू को जुगाड़ू इंजिनियर कहता है, जो अपनी जुगाड़बाजी से सब कुछ कर सकता है। मोनू और गुड़िया एक दूसरे को प्यार करते हैं, इस सिंपल सी सपनों को साकार करने वाली कहानी में बैंक रॉबरी का प्लॉट भी शामिल है। पुलिस इंस्पेक्टर जिम्मी शेरगिल का छोटा सा किरदार भी कहानी का अहम हिस्सा है। गुड़िया के इन्हीं सपनों की दुनिया में ट्विस्ट उस वक्त आता है जब कहानी में भ्रष्ट नेता भैया (अनुपम खेर) की एंट्री होती है और सब कुछ बदलने लगता है। 

कुल मिला कर फिल्म में ऐसा कुछ नहीं जो आपने पहले देखा-सोचा न हो। फिल्म का सबसे रोचक बिंदु आखिरी मिनट में आता है जब डकैती में कामयाब युवा करोड़ों में खेल रहे होते हैं कि तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीवी पर नोटबंदी की घोषणा करते हैं। पुराने नोट बंद होने से युवा सपनों पर फिर पानी फिर जाता है। मतलब यह कि शॉर्टकट कभी भी धोखा दे सकता है। इसे ही आप कहानी का संदेश समझ लें।

 

वेब डेस्क, IBC24

 

Trending News

Related News