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पीएम मोदी ने देश को सौंपा पहला आयुर्वेद संस्थान, अब हर जिले में बनाने का लक्ष्य

Last Modified - October 17, 2017, 12:40 pm

 

नई दिल्ली। दूसरे आयुर्वेद दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को पहला अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान समर्पित किया। दिल्ली के सरिता विहार में बने इस आयुर्वेद संस्थान को एम्स की तर्ज पर विकसित किया गया है। उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि मैं धन्वंतरि जयंती को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने और इस संस्थान की स्थापना के लिए आयुष मंत्रालय को साधुवाद देता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कोई भी देश तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक वो अपने इतिहास, अपनी विरासत पर गर्व करना नहीं सीखता।

 

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बताया कि केन्द्र में एनडीए की सरकार बनने के बाद देशभर में 65 से ज्यादा आयुष अस्पताल विकसित किए जा चुके हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि गुलामी के कालखंड में हमारी ऋषि परंपरा, हमारे आचार्य, किसान, वैज्ञानिक ज्ञान, योग, आयुर्वेद, इन सभी की शक्ति का उपहास उड़ाया गया लेकिन आज दुनिया भारत की आयुर्वेद शक्ति की ओर बड़ी आशा से देख रहे है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के हर जिल में आयुर्वेद हाॅस्पीटल होने चाहिए जिस पर आयुष मंत्रालय काम कर रहा।

आपको बता दें की देश का पहला अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान आयुष मंत्रालय के अधीन आता है और यह आयुर्वेद इलाज और माॅडर्न टेक्नीक के बीच तालमेल बिठाने के लिए काम करेगा। यह एनबीएच से मान्याता प्राप्त हाॅस्पिटल है और इसमें एक एकैडमिम ब्लाॅक भी है। 10 एकड़ क्षेत्र में फैसे इस संस्थान को बनाने में भगभग 157 करोड़ रूप की लागत आई है

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