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हार्मोनल असंतुलन,संकेत को समझे

Last Modified - November 4, 2017, 5:13 pm

शारीरिक क्रिया को सुचारू रखने के लिए शरीर में हार्मोंनल संतुलन होना चाहिए। अगर हार्मोनल अंसतुतन हो जाए तो महिलाओं को धीरे-धीरे कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. हार्मोन्ल असंतुलन एक साइलेंट किलर है जिसमें अक्सर महिलाओं का स्वभाव चि़ड़चिड़ा हो जाता है। ज्यादातर महिलाओं में यह समस्या 40 से 50 की उम्र देखने को मिलती है लेकिन बदलते लाइफस्टाइल में यह प्रॉबल्म 20 से 30 की उम्र की महिलाओं में भी दिख जाती है. हार्मोनल असंतुलन का सबसे बड़ा का कारण शरीर में होने वाली हार्मोनल दिक्कतें है। इन दिक्कतों में सुधार लाना बहुत जरूरी है। यह तभी हो सकता है जब हम लोग अपनी डाइट और डेली रूटिन में परिवर्तन लाएंगे। हार्मोनल असंतुलन के कई लक्षण नजर आने लगते है जिनसे आप पहचान सकते है कि शरीर में हार्मोनल समस्याएं शुरू होने वाली है.


- अनियमित पीरियड्स
पीरियड्स टाइम पर न आना, वैसे तो यह समस्या बहुत सी महिलाओं को है लेकिन किसी महीने पीरियड्स आए ही न तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लें.

- वजन बढ़ना
हार्मोनल असंतुलन शरीर में इंसुलिन के स्तर और चयापचय को बिगाड़ कर रख देता है। इससे शरीर में चर्बी को खत्म करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे वजन बढ़ने लगता है.

- शरीर पर अनचाहें बाल
अगर किसी समय आपके आइब्रो, अपरलिप या फोरहेड , हाथों और पैरों पर अनचाहें मोटे और टाइट बाल निकलने लगते लगें तो यह हार्मोनल असंतुलन का कारण है।

- चेहरे पर पिंपल्स
वैसे तो त्वचा पर पिंपल्स होना आम है लेकिन अगर किसी महिला के जॉ-लाइन एरिया पर  बार-बार या ढेर सारे पिंपल्स निकल आए तो हार्मोनल असंतुलन हो सकता है.

- अधिक भूख लगना
लेप्टिन और घ्रेलिन, ये दो हार्मोन्‍स मिलकर आपके शरीर में अजीब सी स्‍थिति पैदा कर देते है जिसमें आपको हर पल भूख लगती रहेगी लेकिन पाचन क्षमता बिल्कुल खराब रहेगी।


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