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मनमोहन ने नोटबंदी को बताया मोदी की बड़ी गलती

Last Modified - November 7, 2017, 1:41 pm

 

अहमदाबाद। 8 नवंबर 2016 सरकार द्वारा 1000 और 500 के नोटबंद करने के फैसले को एक साल पूरा होने वाला है। लेकिन जैसे-जैसे नोटबंदी की पहली सालगिराह पास आती जा रही है वैसे-वैसे विपक्ष एक बार फिर नोटबंदी के भूत से सरकार को डराने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष अब सरकार से इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है। सोमवार को अहमदाबाद में एक साभ को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को एक ब्लंडर बताया था। जिसके बाद आज एक बार फिर उन्होंने नोटबंदी को लेकर सरकार पर हमला करते हुए इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन करार कर दिया। मनमोहन सिंह ने कहा कि मैंने संसद में जो कहा था, उस पर आज भी कायम हूं। नोटबंदी से लोगों की मुश्किलें बढ़ी है।

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आज तक ऐसा किसी देश में नहीं हुआ कि कैशलैस इकोनाॅमी बनाने के लिए कोई सरकार देश की 86 प्रतिशत प्रचलित करंसी बंद कर दे। इस एक कदम के कारण देश से छोटे व्यापारियों की कमर टूट गई जिससे रोजगार सृजन नकारात्मक स्तर पर पहुंच गया।  उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को नौकरी देने के लिए चीनी सामानों का आयात बढ़ाना पढ़ा 2016-17 के पहले हाफ में चीन से 1.96 लाख करोड़ का आयात हुआ था, लेकिन 2017-18 में यह बढ़कर 2.14 लाख करोड़ तक पहुंच गया। पूर्व प्रधानमंत्री ने नोटबंदी को संगठित लूट तक बता दिया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी मोदी सरकार की बढ़ गलती थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आकर आपनी गलती स्वीकार करना चाहिए।

मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले भी सवाल उठाते रहे है लेकिन इस बार उन्होंने जिस तरह से आक्रामक रूख अपनाया है उसे देख कर लगता है कि मोदी सरकार की मुश्किलें और बढ़ने वाली है। वैसे मनमोहन सिंह के सवालों का जवाब देने के लिए आज वित्तमंत्री अरूण जेटली पत्रकारों से मुखातिब होने वाले है लेकिन देखना यह होगा की एक धीर गंभीर पूर्व प्रधानमंत्री के सवालों की आग को वित्तमंत्री जेटली अपने जवाबों से कितना शांत कर पाते है।  

अमन वर्मा, IBC24

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