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जब अपने मालिकों को बचाने मौत से भिड़ गए ये पालतू जानवर

Last Modified - November 9, 2017, 10:13 am

सरगुजा। जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझती महिलाओं की कहानी कुछ ऐसी है कि इसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। सरगुजा के अलग अलग हिस्सों से आयी, ये महिलाएं मौत के मुंह से सिर्फ इसलिए बाहर आयी हैं क्योंकि इन्हें इनके बेजुबान पालतू जानवरों ने अपनी जान पर खेलकर बचाया है। उदयपुर की रहने वाली 50 साल की संगीता अपनी भैसों को लेकर जंगल की तरफ गयी हुई थी, तभी दो भालुओं ने संगीता पर हमला कर दिया।

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भालुओं को देखकर संगीता की भैंसे भी भागने लगीं, लेकिन एक भैंस वही खड़ी रही, भालुओं के हमले से जब महिला ने चीखना शुरू कर दिया तो उसकी भैंस ने भालुओं को सींग मारना शुरू कर दिया और तब तक भालुओं से भैंस भिड़ती रही जब तक वो भाग नहीं गए।

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बुधवार को एक और भालू के हमले में एक मां अपने एक महीने से मासूम को बचाने के लिए अधमरी हो गयी। लेकिन उसने अपने मासूूम को अपने आंचल में छिपा कर रखा, इस बीच उसके पति ने लाठी के हमले से भालू को भगाया।

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आज जिस तरह से एक भैंस ने अपने मालकिन की जान बचायी है, ठीक उसी तरह से कुछ दिनों पहले बकरी के एक झुंड ने भालुओं के हमले से अपनी मालकिन की जान बचायी थी। मतलब की जानवर सिर्फ जान के दुश्मन ही नहीं है, बल्कि वो इंसानो की जान की हिफाजत भी करते हैं, भले ही वो खूंखार ना हो, इन कहानियों से तो यही जाहिर होता है।

वेब डेस्क, IBC24

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