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कांग्रेस ने जीता चित्रकूट, लेकिन हार से हैरान नहीं भाजपा

Last Modified - November 12, 2017, 3:31 pm

चित्रकूट उपचुनाव में कांग्रेस ने बाजी मारते 14,333 वोटों से बड़ी जीत दर्ज की। यूपी से सटी सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा शुरू से ही कांग्रेस का गढ़ रही है। कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह के निधन के बाद उपचुनाव में गए चित्रकूट से कांग्रेस ने निलांशु चतुर्वेदी को उम्मीदवार चुना तो भाजपा ने शंकरदयाल त्रिपाठी को। मतगणना के पहले दौर में 527 वोटों से पीछे चल रही कांग्रेस को दूसरे ही दौर में 5255 वोटों की बढ़ी बढ़त मिली जिसके बाद कांग्रेस ने एक बार भी अपनी बढ़त नहीं खोई और हर चरण के साथ वह जीत के और नजदीक पहुंचती गई।

मतगणना के बीच ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान ने अपनी हार स्वीकार कर ली। लेकिन आपको यह जानकार हैरानी होगी की कांग्रेस और भाजपा दोनों के प्रत्याशियों को अपने-अपने गृह गांव में हार सामना करना पढ़ा। शंकरदयाल त्रिपाठी को तुर्रा में हार मिली तो कांग्रेस प्रत्याशी निलांशु चतुर्वेदी को देवरा में हार का सामना करना पढ़ा।

कांग्रेसी प्रत्याशी की बड़ी जीत के बाद कांग्रेसी खेमे मे जहां जश्न का महौल है वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की परांपरागत सीट कहकर हार का प्रभाव कम करने की कोशिश कर रही है। नंदकुमार ने कहा कि 2018 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की इस जीत से कोई फर्क नहीं पढे़गा वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरूण यादव और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने इसे बदलाव की शुरूआत कहते हुए 2018 में कांग्रेस की जीत की शुरू का दर्जा दिया। 

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