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गिर के शेर मध्यप्रदेश को नहीं देने पर गुजरात को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

Last Modified - November 14, 2017, 2:04 pm

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गिर के शेर मध्यप्रदेश को नहीं देने पर गुजरात और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। गुजरात के गिर अभ्यारण में पाए जाने वाले दुर्लभ प्रजाती के बब्बर शेर की दुनिया भर में अलग ही पहचान है। इसी बात का बहाना बना कर गुजरात सरकार ने मध्यप्रदेश को इन शेरों को देने से मना कर दिया। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अभय दुबे की याचिका पर गुजरात और भारत सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

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वैसे साल भर पहले 2016 में ही गुजरात मध्यप्रदेश को शेर देने के लिए जारी था। वजह थी क्षेत्र में बढ़ती शेरों की संख्या जिसके कारण वे हिंसक होने लगे थे। 2016 के आंकड़ों के मुताबिक गुजरात के लगभग 17 शेरों को हिंसक प्रवृत्ति के कारण पिंजरे में कैद करके रखा गया है। वैसे मप्र को हिंसक नहीं बल्कि 16 शेरों का एक समूह मिलने वाला था जिसमें 10 शेर और 6 मादा मिलने का परिवार मिलने वाला था।

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दरअसल मामला 2 दशक पुराना है जब 1995 में बब्बर शेर की इस खास प्रजाति को संरक्षित करने के लिए शिफ्टिंग की रणनीति तैयार की गई। जिसके लिए शेरों के लिए अनुकूल माहौल की तलाश शुरू की गई जिसमें मप्र के कुनो का चयन किया गया। इस लिए मप्र सरकार ने वहां के 14 गांवों को शिफ्ट कर 2005 में ही इसे शेरों के लिए इसे तैयार कर दिया। लेकिन उसी के बाद से गुजरात ने शेर देने में ना नूकुर करना शुरू कर दिया। अब मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद है कि मध्यप्रदेश को गिर के शेर मिल सकें।

 

अमन वर्मा, IBC24

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