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मौसम विभाग के मशीनों का ही मिजाज़ बिगड़ा, कैसे मिलेगी सटीक जानकारी

Last Modified - November 17, 2017, 1:31 pm

छत्तीसगढ़ में मौसम की सही जानकारी नहीं मिलने से किसानों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है । दरअसल प्रदेश के मौसम केंद्र में कई उपकरण खराब हैं तो कई जरूरी उपकरण आज तक लगाए ही नहीं जा सके हैं । वहीं कृषि विभाग ने भी जो उपकरण लगाए हैं उनकी भी विश्वसनीयता नहीं है।  

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रायपुर के मौसम केंद्र में मौसम का मिजाज बताने वाली ये DTP मशीन सालभर से खराब पड़ी है । यही हाल हवा की दिशा और दशा बताने वाला एनेमोमीटर का है । बगल में लगा एक और यंत्र भी न जाने कब से मरम्मत का इंतजार कर रहा है।

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यही नहीं बल्कि मौसम केंद्र मुख्यालय में सबसे प्रमुख यंत्र डापलर रेडार भी नहीं है. जिसके कारण किसानों को मौसम की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती और उन्हें खेती में नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ मौसम विभाग को भी मौसम की भविष्यवाणी के लिए विशाखापटनम और नागपुर का मुंह ताकना पड़ता है.

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मौसम विभाग को केंद्र शासन संचालित करता है, इसलिए खरीदी से लेकर मरमम्त तक में कई बार ज्यादा समय लग जाता है. इसी लेटलतीफी के चलते मौसम केंद्र के कुल 45 रेन गेज और वेदर स्टेशन में 27 खराब पड़े हैं । जबकि कृषि विभाग की ओर से राज्यभर में लगाए गए 239 रेन गेज और वेदर स्टेशन मानकों के अनुरुप नहीं है । 

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केंद्र के निर्देश पर कृषि विश्वविद्यालय ने मौसम और कृषि विशेषज्ञों के लिए 3 दिन का सेमिनार आयोजित किया है ताकि दोनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित हो सके. खुद कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी इसमें शामिल हुए. अब देखने वाली बात ये है की इस सेमिनार का नतीजा कब तक देखने को मिलता है. 

 

 

संदीप शुक्ल, IBC24 रायपुर

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