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बेमियादी हड़ताल पर शिक्षाकर्मी, स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति

Last Modified - November 21, 2017, 9:36 am

रायपुर। संविलियन, सांतवा वेतनमान, वेतन विसंगति और भत्ते जैसी मांगों को लेकर प्रदेश के सभी 27 जिलों के करीब एक लाख 80 हजार शिक्षाकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के पहले दिन ही प्रदेश के अधिकांश सरकारी स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति है। 

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शिक्षाकर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे स्कूल नहीं लौटेंगे। इधर, पंचायत विभाग ने सभी पंचायतों के CEO को पत्र लिखकर अनाधिकृत रुप से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षाकर्मियों की जानकारी देने के लिए कहा है। 

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स्कूल में लटका ताला और यूनिफॉर्म में बस्ता लिए बाहर बैठे छात्र-छात्राओं की ये कतार. छत्तीसगढ़ के करीब एक लाख 80 हजार शिक्षाकर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने की वजह से कुछ ऐसा ही नजारा. प्रदेश के अधिकांश स्कूलों में पहले दिन नजर आया। खासतौर से गांवों के ऐसे स्कूल, जहां शिक्षक के नाम पर सिर्फ शिक्षाकर्मियों की ही तैनाती है, तालाबंदी के हालात रहे। 


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हड़ताल पर जाने से पहले शिक्षाकर्मियों के संगठन के साथ मुख्यमंत्री की रविवार को मुलाकात भी हुई। जिसमें उन्होंने सभी मांगों पर विचार करने की बात कही थी। लेकिन शिक्षाकर्मियों ने कहा कि बिना किसी ठोस फैसले  के वे हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे और सोमवार से प्रदेश भर में आंदोलन शुरू हो गया। 

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पंचायत विभाग ने सभी पंचायतों के CEO को पत्र लिखकर अनाधिकृत रुप से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षाकर्मियों की जानकारी देने के लिए कहा है। देखना ये है कि सरकार के आश्वासन और इस आदेश का आंदोलनकारी शिक्षाकर्मियों पर कोई असर होता है या नहीं..?

 

ब्यूरो रिपोर्ट, IBC24

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