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शिक्षाकर्मियों पर सरकार की सख्ती, काम पर नहीं लौटे तो होंगे बर्खास्त

Last Modified - November 23, 2017, 8:57 am

रायपुर। शिक्षाकर्मियों के हड़ताल का आज चौथा दिन है. सरकार ने शिक्षाकर्मियों को सख्त हिदायत दी है कि अगर शिक्षाकर्मी तीन दिन के अंदर नहीं लौटे तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा. 

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स्कूलों में ताला लगाकर छत्तीसगढ़ के करीब एक लाख 80 हजार शिक्षाकर्मी तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। जिससे ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में तालाबंदी के ही हालात बन गए हैं। यही वजह है कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पदस्थ पंचायत संवर्ग के शिक्षक को तीन दिन के भीतर स्कूल नहीं लौटे.

 

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तो उन्हें बर्खास्त किया जाएगा। हालांकि ये आदेश उन परिवीक्षाधीन और स्थानांतरित शिक्षकों के लिए है, जो 20 नवंबर से अनाधिकृत रूप से हड़ताल पर हैं। साथ ही ग्राम पंचायत को 12 वीं पास स्थानीय युवकों को पढ़ाने के लिए बुलाया गया है।

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ये नारे... ये प्रदर्शन... पिछले तीन दिनों से छत्तीसगढ़ के हर जिले में हो रहे हैं। स्कूलों में ताला लगाकर प्रदेश भर के करीब एक लाख अस्सी हजार शिक्षाकर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। हालांकि सरकार दावा कर रही है कि स्कूलों में असर नहीं पड़ा है.

लेकिन ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में पिछले तीन दिनों से तालाबंदी के ही हालात है। यही वजह है कि उसे तीसरे दिन शाम होते-होते ये आदेश जारी करना पड़ा कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पदस्थ पंचायत संवर्ग के शिक्षक को तीन दिन के भीतर स्कूल नहीं लौटे, तो उन्हें बर्खास्त किया जाएगा।

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हालांकि ये आदेश उन परिवीक्षाधीन और स्थानांतरित शिक्षकों के लिए है, जो 20 नवंबर से अनाधिकृत रूप से हड़ताल पर हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिला पंचायतों और जनपद पंचायतों के CEO को इस आशय का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही सभी अफसरों को स्कूलों में पढ़ाई के वैकल्पिक इंतजाम के निर्देश दिए गए हैं। 

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जिसके तहत ग्राम पंचायत को 12 वीं पास स्थानीय युवकों को पढ़ाने के लिए बुलाया गया है। जिन्हें जिला जिला पंचायत के CEO की ओर से इस काम के लिए अनुभव प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर कोई असर न हो, इसके लिए सरपंच, सचिव और स्व-सहायता समूहों से सहयोग लेने की बात कही गई है। हालांकि तमाम कोशिशों के बाद भी सरकार और शिक्षाकर्मियों के बीच बात नहीं बन रही है। 

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अगले साल चुनाव भी होने वाले हैं, लिहाजा सभी विपक्षी दलों के नेता शिक्षाकर्मियों के शुभचिंतक बनकर बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। बिलासपुर में शिक्षाकर्मियों के धरनास्थल पहुंचे जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अजीत जोगी ने कहा कि यदि 2018 में उनकी सरकार बनेगी तो दूसरे ही दिन शिक्षाकर्मियों की सभी मांगे मान ली जाएंगी। 

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सरकार की सुलह की कोशिशों और नोटिस की धमकियों के बाद भी शिक्षाकर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखने की बात कही है। जाहिर है स्कूलों में स्थिति आने वाले दिनों में और भी खराब होगी। 

 

वेब डेस्क, IBC24 

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