रायपुर News

बर्खास्तगी का ब्रह्मास्त्र भी शिक्षाकर्मियों के आगे फेल

Last Modified - November 27, 2017, 10:43 am

रायपुर। सरकार के सख्त तेवरों के बावजूद शिक्षाकर्मियों की हड़ताल जारी है. बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू होने के बाद भी शिक्षाकर्मी डटे हुए हैं. शिक्षाकर्मियों ने रायपुर जिला पंचायत के सीईओ की ओर से की गई बर्खास्तगी को नियमों के विरुद्ध बताया है. वहीं CEO ने अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए बाकी शिक्षाकर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.

ये भी पढ़ें- बिलासपुर के पास दर्दनाक सड़क हादसा, 6 की मौत 30 घायल

शिक्षाकर्मियों की हड़ताल को खत्म करने के लिए सरकार ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में जिला पंचायत रायपुर ने 5 हड़ताली शिक्षाकर्मियों को बर्खास्तगी का आदेश थमा दिया है. लेकिन ये कार्रवाई विवादों में घिर गई है. इस बर्खास्तगी को शिक्षाकर्मी संघ के पदाधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन बताया है. 

ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश में बच्चियों से पर मिलेगी सजा-ए-मौत

संघ की दलील है कि सहायक शिक्षक पंचायत की नियुक्ति जनपद पंचायत स्तर पर होती है. लिहाजा उनकी बर्खास्तगी केवल जनपद पंचायत से ही हो सकती है. वहीं जिला पंचायत के सीईओ का दावा है कि कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और जिन्हें आपत्ति है वो कोर्ट जा सकते हैं ।

ये भी पढ़ें- सरकार का तुगलकी फरमान, अब हडताल पर नहीं जा सकेगें शिक्षाकर्मी

इधर शिक्षाकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है. और नौबत परीक्षा स्थगित करने की आ गई है. कोरबा जिले में 27 नवंबर से आयोजित होने वाली प्राथमिक शाला और माध्यमिक शालाओ की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी है.

ये भी पढ़ें- बीजेपी, कांग्रेस और बसपा समर्थकों ने थामा जेसीसीजे का दामन

वहीं न्यूनतम मजदूरी ,पेंशन की मांग को लेकर पिछले 5 दिनों से राजधानी में धरने पर बैठे मिडे डे मील भोजन रसोइया संघ 27 नवंबर से भूख हड़ताल शुरू करने जा रहा है. ऐसे में सरकार के सामने स्कूलों की व्यवस्था संभालना दोहरी चुनौती बन गई है.

 

वेब डेस्क, IBC24

 

 

Trending News

Related News