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शिक्षाकर्मी की हार्ट अटैक से मौत

Last Modified - November 28, 2017, 1:52 pm

शिक्षाकर्मियों पर सरकार के सख्त तेवर और हड़ताली शिक्षाकर्मियों के हठ के बीच घमासान के बीच कल देर शाम एक शिक्षाकर्मी की मौत हो गयी। शिक्षाकर्मी की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई। मृत शिक्षाकर्मी का नाम भागवत प्रसाद भैना बताया जा रहा है। शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश प्रवक्ता विवेक दुबे ने बताया  कि भागवत की मौत सरकार के उस दवाब की वजह से हुई जिसके तहत शिक्षाकर्मियों के लगातार तबादले कैंसिल किये जा रहे थे.

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दरअसल शिक्षाकर्मी भागवत प्रसाद भैना का ट्रांसफर कुछ माह पहले अंबिकापुर से बिलासपुर हुआ था. लेकिन हड़ताल के बाद लगातार हो रही कार्रवाई से वो दवाब में था। उसे इस बात का डर सता रहा था कि उसका भी कहीं ट्रांसफर जिला पंचायत की तरफ से कैंसिल ना कर दिया जाये। इस बात का जिक्र भागवत ने अपने कई हड़ताली साथियों से भी किया था.

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भागवत 20 नवंबर से ही हड़ताल पर था। बर्खास्तगी और ट्रांसफर कैंसिल किये जाने की लगातार आ रही खबरों के बीच भागवत कल से बेहद परेशान था। वो बिलासपुर जिले के मस्तूरी ब्लाक के गोडाडीह प्राथमिक शाला स्कूल में पदस्थ था । मृत शिक्षक मूलतः जांजगीर-चाम्पा जिले के ग्राम दर्री निवासी था। इधर शिक्षाकर्मी की मौत दवाब में होने की वजह से शिक्षाकर्मियों के संगठन ने लगाया है। शिक्षाकर्मी संघ के प्रांतीय संचालक संजय शर्मा ने कहा कि

‘प्रशासन की कार्रवाई से कई शिक्षाकर्मी बेहद दवाब में हैं…भागवत का तबादला काफी मुश्किल के बाद अंबिकापुर से मस्तूरी हुआ था..उसे डर था कि कहीं उसका ट्रांसफर कैंसिल ना हो जाये, इसलिए वो बेहद परेशान था, जिसके बाद हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गयी’

 

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