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जैसे शराब को सरकारी कर दिया वैसे ही शिक्षाकर्मियों को भी नियमित कर दें...

Last Modified - November 29, 2017, 5:25 pm

पिछले 10 दिनों से चल रहे शिक्षाकर्मियों के अनश्चितकालीन हडताल से बलरामपुर जिले के स्कूलों में शिक्षा की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानांतरित शिक्षकों को ज्वाईन करने एवं परीविक्षा अवधी में चल रहे शिक्षाकर्मियों को नोटिस देकर जिला प्रशासन ने उन्हें वापस तो बुला लिया हैे लेकिन शिक्षाकर्मियों ने बच्चों को नहीं पढ़ाने की अपनी मंशा यहां भी पूरी कर ली। बलरामपुर जिले में 181 शिक्षाकर्मी वापस लौट गए हैं, लेकिन उसमें 107 शिक्षाकर्मियों ने अवकाश ले लिया, और छुट्टी पर चले गए हैं।

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रिकाॅर्ड के आधार पर जिले में केवल 74 शिक्षाकर्मी ही स्कूलों में ड्यूटी कर रहे हैं। बच्चों की पढाई लगातार प्रभावित होता देख कुछ स्कूलों में पुलिस के अधिकारी और जवान बच्चों की क्लास ले रहे हैं तो बाकी जगह बच्चे जैसे तैसे पढ रहे हैं। वहीं बलरामपुर जिले में अजजा मोर्चा के प्रदेशध्यक्ष एवं भाजपा से सामरी के पूर्व विधायक सिद्धनाथ पैकरा के शिक्षाकर्मियों को समर्थन देने के बाद जिले में रोज ही भाजपा का कोई न कोई पदाधिकारी उन्हें समर्थन दे रहा है। बरियो से भाजपा के मंडल अध्यक्ष और राजपुर जनपद पंचायत के अध्यक्ष कमला राम और उपाध्यक्ष सिवनाथ जायसवाल ने भी शिक्षाकर्मियों को अपना समर्थन देते हुए उनकी मांगों को जायज ठहराया है।

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ये दोनों ही पदाधिकारी उनके साथ धरने पर भी बैठ रहे हैं। उनकी मांगों को समर्थन देते हुए भाजपा समर्थित जनपद उपाध्यक्ष सिवनाथ जायसवाल ने अपनी ही पार्टी की गतिविधी पर सवाल खडे कर दिए। उन्होने कहा की भाजपा ने 2003 और 2008 के संकल्प पत्र में शिक्षाकर्मियों की मांग को पूरा करने की घोषणा की थी, वहीं उन्होने यह भी कहा की सरकार ने जिस तरह शराब को सरकारी बना दिया ठीक उसी तरह उन्हें शिक्षाकर्मियों  को भी नियमित कर देना चाहिए

 

वेब डेस्क, IBC24

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