रायपुर News

बंदिशों के बावजूद 15 हजार से ज्यादा शिक्षाकर्मियों ने किया प्रदर्शन

Last Modified - December 3, 2017, 10:55 am

छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों के आंदोलन की आग भड़कती जा रही है. शिक्षाकर्मियों के आंदोलन को रोकने की तमाम कोशिशों के बाद भी प्रदेश भर से 15 हज़ार से ज्यादा शिक्षाकर्मी. पुलिस को चमका देकर रायपुर पहुंच गए और करीब 5 घंटे तक हिन्दस्पोर्टिंग ग्राउंड में सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की. कांग्रेस ने शिक्षाकर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए 5 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद करने की घोषणा की है। वहीं, जकांछ सुप्रीमो अजीत जोगी ने भी धरना स्थल पहुंचकर शिक्षाकर्मियों की मांगों का समर्थन किया। 

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ये तस्वीर है रायपुर की जहां सरकार से बातचीत विफल होने के बाद शिक्षाकर्मी शनिवार को महारैली के लिए जुटे. शिक्षाकर्मियों ने रायपुर में परिवार के साथ रैली निकालने की घोषणा की थी, लेकिन ईद मिलादुन्नबी की वजह से पुलिस और जिला प्रशासन ने शिक्षाकर्मियों को रैली और धरना आगे जारी रखने की अनुमति नहीं दी. शिक्षाकर्मियों को रायपुर आने से रोकने के लिए पुलिस ने शहर के सभी इंट्री प्वाइंट में पुलिस बल तैनात कर रखा था. इन्हें वहां से हिरासत में लेकर शहर के आउटर में बनाए गए 12 अस्थाई जेल में रखा गया. वहीं शहर में धरनास्थल पहुंचने वाले लोगों को भी बेरिकेड लगा कर रोका गया. 

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ऐसी ही कुछ तस्वीर रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में देखने को मिली. रायपुर आने के लिए ये शिक्षाकर्मी जैसे ही निकले उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. आप 6 तस्वीरों में देख सकते हैं कि पुलिस ने आंदोलन को कुचलने के लिए किस तरह से कवायद की. हालांकि इतनी नाकेबंदी के बावजूद 15 हजार से ज्यादा शिक्षाकर्मी हिन्दस्पोर्टिंग ग्राउण्ड धरना स्थल पहुंचे और 5 घंटे तक सरकार के खिलाफ विरोध जताया।

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वहीं, इस मसले को कांग्रेस सियासी मुद्दा बनाकर भुनाना चाहती है.. कांग्रेस ने कहा है, कि उनकी सरकार सत्ता में आती है तो वे शिक्षाकर्मियों की संविलियन सहित दूसरी मांगों को भी पूरा करेंगे। पार्टी ने 5 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान भी किया है.. इधर जकांछ सुप्रीमो  अजीत जोगी ने भी धरना स्थल पहुंचकर शिक्षाकर्मियों की मांगों का समर्थन किया।

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आंदोलन के तहत महारैली को फेल करने के लिए पुलिस ने शुक्रवार देर रात से ही शिक्षाकर्मियों के पदाधिकारियों को गिरफ्तार करना शुरु कर दिया था. शनिवार को प्रदेशभर में जिस तरह से गिरफ्तारियां की गईं. उसे शिक्षाकर्मी शासन की दमनकारी नीति बता रहे हैं. और जब तक मांगें पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

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