News

राहुल के नामांकन को पीएम ने कहा औरंगजेब राज, उलझे बीजेपी व कांग्रेस

Last Modified - December 4, 2017, 3:37 pm

दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर न सिर्फ कांग्रेस बल्कि भाजपा नेताओं में भी बयानबाज़ी की होड़ लगी है। नौबत ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर मणिशंकर अय्यर तक बयानबाजी में उतरे हुए हैं। गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में बयानबाजी का ये दौर फिलहाल थमने वाला भी नहीं दिख रहा।

हम आपको बताते हैं कि किसने क्या कहा? कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तंज कसा कि कांग्रेस को उनके औरंगजेब राज की बधाई। नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे लिए जनता सर्वोपरि है और सवा सौ करोड़ भारतीय हमारे आलाकमान हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये बात कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान के जवाब में कही। इसपर अय्यर ने कहा कि दोनों की तुलना न करें, मुगल राज में ये पहले से तय था कि जहांगीर के बाद शहाजहां ही राजा बनेगा, लेकिन यहां कोई भी राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने को स्वतंत्र है, ये पूरी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। 

मणिशंकर अय्यर के इस जवाब पर नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया व्यक्त की, उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि क्या मुगल राज में चुनाव हुआ करते थे? जहांगीर के बाद शाहजहां आए, क्या कोई चुनाव हुआ? शाहजहां के बाद औरंगजेब उनका नेता बना था यानी कांग्रेस ने ये स्वीकार कर लिया है कि वो एक पारिवारिक पार्टी है? हम ये औरंगजेब राज नहीं चाहते।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस हमले के जवाब में कर्णाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा कि प्रधानमंत्री को कांग्रेस के आंतरिक मामले में बोलने का कोई मतलब नहीं होना चाहिए। अगर कोई चुनाव में भाग लेना चाहता है तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, हर कोई स्वतंत्र है।

 

इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मैदान में उतर आए। योगी ने कांग्रेस को इस देश पर बोझ करार देते हुए तंज कसा कि राहुल गांधी को पदोन्नति के साथ ये बाधा खत्म हो जाएगी।

जब पीएम और सीएम कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव पर बयान दे रहे हों तो मंत्री भला कहां पीछे रहने वाले थे, एक के बाद एक कई मंत्रियों के बयान सामने आने लगे। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी पार्टी के मालिक हैं, उनकी पदोन्नति और नामांकन उनका निजी मामला है, चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक उन्हें चुनाव कराना पड़ रहा है, हालांकि इतनी बड़ी पार्टी के भीतर कोई लोकतंत्र बचा हुआ नहीं है।

 

आम तौर पर कम बोलने वाले राजनेता के रूप में विख्यात पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह भी राहुल गांधी के नामांकन मसले पर बयान देने से खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कांग्रेस के प्रिय नेता हैं और वो पार्टी की महान परंपराओं को आगे ले जाएंगे।

और हमेशा की तरह अपने खास अंदाज में बयान देने के लिए मशहूर पूर्व भाजपा और मौजूदा कांग्रेस नेता व पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इस मौके पर भी शेर अर्ज कर दिया। सिद्धू ने कहा कि सौ भेड़ों के आगे एक शेर लगाओ तो भेड़ शेर हो जाती है, सौ शेरों के आगे एक भेड़ लगा दो तो शेर ढेर हो जाते हैं। यहां शेर नहीं बब्बर शेर है।

इस पूरे मसले में सबसे रोचक तथ्य ये है कि शायद पहली बार ऐसा हो रहा है, जब किसी दूसरी पार्टी के अध्यक्ष के चुनाव पर दूसरे दलों के नेताओं के बयान इतनी बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

 

परमेंद्र मोहन वेब डेस्क

Trending News

Related News