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बोधिसत्व डॉ भीमराव राम अंबेडकर ,जिन्हे था 9 भाषाओं का ज्ञान

Created at - December 6, 2017, 2:15 pm
Modified at - December 6, 2017, 2:15 pm

 भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार डॉ. भीमराव राम अंबेडकर  की आज  पुण्यतिथि  है.आज सारा देश उन्हें सविधान निर्माता  के तौर पर जानता है। डॉ भीमराव आंबेडकर जी को डा. बाबा साहब कहकर भी पुकारा जाता था.इनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश  के एक छोटे से गांव में महार जाति में हुआ था.डॉ. भीमराव राम अंबेडकरअपने पिता-माता की 14 वीं व अंतिम संतान थे.इनके पिता भारतीय सेना की मऊ छावनी में कार्यरत थेअंबेडकर जी ने सन 1907 में मैट्रिकुलेशन पास की और उसके बाद वे बड़ौदा महाराज की आर्थिक सहायता से एलिफिन्सटन कॉलेज से 1912 में ग्रेजुएट हुए.

उन्होंने अमेरिका के कोलम्बिया विश्वविद्यालय से सन 1915 में अर्थशास्त्र से एम.ए. किया।इसके बाद प्रसिद्ध अमेरिकी अर्थशास्त्री सेलिगमैन के मार्गदर्शन में अम्बेडकर ने कोलंबिया विश्वविद्यालय से 1917 में पी एच. डी. की उपाधी प्राप्त कर ली.भीमराव अंबेडकर विदेश जाकर अर्थशास्त्र डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय थे.

भीमराव अम्बेडकर जी को लगभग 9 भाषाओं का ज्ञान था। भारत आने के बाद अंबेडकर जी 1926 में बम्बई की विधान सभा के सदस्य नामित किए गए.अम्बेडकर जी आजाद भारत के पहले कानून मंत्री थे.भारतीय संविधान का मुख्य निर्माता उन्हीं को माना जाता है.

यह भी जानने वाली बात है कि डॉ. अंबेडकर को भारतीय बौद्ध भिक्षुओं ने बोधिसत्व की उपाधि प्रदान की थी.आज ही के दिन 6 दिसंबर 1956 को मधुमेह से पीड़ित होन के कारण अंबेडकर जी की मृत्यु हो गई उन्हें मरणोपरांत वर्ष 1990 में भारत के सर्वोच्‍च सम्‍मान भारत रत्‍न  से सम्‍मानित किया गया था.डॉ. अम्बेडकर ही एक मात्र भारतीय हैं जिनकी पोटरियेट लन्दन संग्रहालय में कार्ल मार्क्स के साथ लगी हुई है.

आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संविधान निर्माता बी आर अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.इन नेताओं ने संसद भवन परिसर में अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की जिन्होंने दलितों के उत्थान के लिये महत्वपूर्ण योगदान दिया था .

 

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और थावरचंद गहलोत तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अंबेडकर के प्रति सम्मान प्रकट किया. दलितों के उत्थान के लिए लगातार काम करने वाले बाबासाहेब अंबेडकर ने 1956 में आज ही के दिन देह त्याग किया था.छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भी बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की-

 

 

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है, मैं डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन करता हूं.

वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि व्यक्ति नश्वर हो सकते हैं लेकिन उनके विचारों को फैलाने की आवश्यकता है.

 

 


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