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रायपुर की तरफ बढ़ रहे गजराज के कदम, खमतराई में दिखे 18 हाथी

Last Modified - December 9, 2017, 11:51 am

सरगुजा, रायगढ़, जशपुर और कोरबा में आतंक मचाने वाले, क़हर ढाने वाले हाथी आहिस्ता-आहिस्ता रायपुर की तरफ़ बढ़ रहे हैं । शुक्रवार तड़के ही 18 हाथियों के एक दल ने खमतराई गांव में दस्तक की । ज़ाहिर है..इस विशालकाय और गुस्सैल जानवर की घुसपैठ ने ग्रामीणों में ख़ौफ भर दिया है..वो बेहद सहमे हुए हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं । 

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शुक्रवार की सुबह आरंग के खमतराई में 18 हाथियों का दल आ धमका । इस दल में नवजात भी हैं । हाथियों ने खेतों में डेरा जमा लिया..वो अरहर की कटी फसल को रौंदते रहे । वन विभाग को ग्रामीणों ने हाथी के आने की सूचना दी. पर शाम ढलने के बाद भी हाथी गांव से टले नहीं थे । वन कर्मियों को इस बात का डर भी सता रहा है कि अगर इस दल ने रायपुर की ओर रुख किया तो आगे न जंगल है..न विस्तृत खेत..ऐसे में आबादी से उनका सीधा सामना हो जाएगा । 

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महासमुंद और रायपुर जिले के वो गांव. जो महानदी के दोनों किनारों पर आबाद हैं. उनके लिए हाथियों से सामना का ये नया मौका है । पहली बार इस इलाके में बीते मई माह में हाथियों के एक दल ने घुसपैठ की थी । तब ये कहा गया था. कि वो शायद पानी की तलाश में यहां तक आ गए हैं..पर इस बार तो ठंड में ही वो धमक आए हैं । 

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यहां समस्या ये है कि ग्रामीण जंगली हाथियों से कैसे डील करे ये नहीं जानते । जिन इलाकों में बरसों से हाथी आते-जाते रहे हैं..वहां के लोग हाथियों की देहभाषा से उनकी प्रतिक्रियाओं का अंदाजा लगा लेते हैं.. दूसरी ओर जिस तेजी से हाथी आगे बढ़ रहे हैं. उसे ये ख़तरा भी मंडराने लगा है कि कहीं एक दिन हाथी राजधानी तक न आ धमके । ज़रा अंदाजा लगाइए..एक दिन राजधानी वासियों की नींद खुलेगी और उन्हें सामने हाथी चिंघाड़ते नज़र आएं..तो क्या हालत होगी उनकी?

 

 

वेब डेस्क, IBC24 

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